विकास शुल्क वृद्धि पर हरियाणा सरकार का यू टर्न, लिया फैसला वापस

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August 25, 2026

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विकास शुल्क वृद्धि पर हरियाणा सरकार का यू टर्न, लिया फैसला वापस

-अब पुरानी दर से ही चुकाना होगा शुल्क, प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से फैसले पर विचार करने की अपील की थी
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/चंडीगढ़/शिव कुमार यादव/- हरियाणा में अचानक नगर निकाय शुल्क में भारी बढ़ौतरी के फैसले पर हरियाणा सरकार ने भारी विरोध के चलते आखिरकार यू टर्न लेते हुए अपना फैसला वापस ले लिया है। अब लोगों को पुरानी दरों पर ही शुल्क अदा करना होगा।
            नगर निकाय क्षेत्रों में रहे लोगों को अब विकास शुल्क के नाम पर भारी भरकम राशि नहीं देनी होगी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के नए फैसले को हरियाणा सरकार ने वापस ले लिया है। संबंधित कॉलोनी या क्षेत्र के कलेक्टर रेट की पांच प्रतिशत राशि विकास शुल्क के रूप में देने का फैसला वापल ले लिया है। विपक्ष के साथ-साथ तमाम लोग सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे थे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ओ पी धनखड़ ने भी सरकार से इस फैसले पर फिर से विचार करने की मांग की थी।
              बढ़ी ही शुल्क वजह से लोगों को 100 गज के प्लॉट का नक्शा पास कराने के लिए 2 लाख रुपये तक जमा कराने पड़ते। इसी प्रकार कमर्शियल प्लॉट के लिए भी लोगों को कई गुना अधिक राशि देनी होती। पहले आवासीय क्षेत्र के लिए 120 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर और कमर्शियल के लिए 1000 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर दरें थीं।
               नए फैसले के अनुसार यह दरें कोर एरिया, ओल्ड एमसी की पुरानी सीमा, लाल डोरा और जितनी भी नियमित कॉलोनियां होंगी उनमें लागू होनी थी। इसके साथ ही पहले से जमा विकास शुल्क वाले खाली प्लॉटों पर भी निर्माण के पूर्व के अंतर की रकम देने के बाद ही निर्माण की अनुमति का प्रावधान था। भविष्य में नई दरों से विकास शुल्क जमा कराने के बाद ही निर्माण की अनुमति मिल की बात कही गई थी। यह नियम आवासीय, औद्योगिक और संस्थागत सभी के लिए लागू होना था।

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