यूपी चुनाव पर फूंक-फूंककर कदम रख रही भाजपा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

यूपी चुनाव पर फूंक-फूंककर कदम रख रही भाजपा

-आलाकमान ले रहा कड़े निर्णय -जातिगत रणनीति के साथ-साथ मौर्य-कुर्मी, राजभर, भूमिहार, ब्राह्मण, ठाकुर सहित कुछ अन्य जातियों के विधायकों की सीट बदलने का निर्णय

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/उत्तर प्रदेश/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जातिगत रणनीति के साथ-साथ बगावत रोकने के लिए भाजपा फूंक-फूंककर कदम रख रही है। भाजपा आलाकमान इस बार कई जातियों के प्रभावशाली विधायकों के टिकट काटने पर उनकी बगावत से आशंकित हैं जिसे देखते हुए अब नई रणनीति के तहत उनकी सीट बदलने का रास्ता अपनाने के निर्णय पर भी विचार कर रही हैं जिसके तहत ऐसे विधायकों को उनके ही जिले की किसी दूसरी सीट या दूसरे जिले से चुनाव लड़ाया जाएगा।

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और सरकार की ओर से कराए गए सर्वे में सामने आया है कि क्षेत्र के मतदाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के कामकाज से संतुष्ट है। जनता मोदी-योगी के नाम पर वोट देना चाहती हैं, लेकिन स्थानीय मौजूदा विधायक की कार्यशैली से नाराज है। सर्वे के अनुसार भाजपा के मौजूदा 304 विधायकों में से 50 फीसदी से अधिक विधायकों से उनके क्षेत्र की जनता नाराज है। भाजपा को चुनाव जीतने के लिए कम से कम 30 से 40 प्रतिशत विधायकों के टिकट काटकर वहां नए चेहरों को उतारना पड़ेगा। इससे मौजूदा विधायक के प्रति जनता की नाराजगी दूर हो जाएगी और क्षेत्र में बिगड़े माहौल को भी पक्ष में करने में आसानी होगी।

पार्टी में उच्च स्तर पर हुए मंथन में आया है कि मौजूदा विधायकों में बड़ी संख्या में ऐसे हैं जो सपा, बसपा और कांग्रेस छोड़कर 2017 से पहले भाजपा में शामिल हुए थे। यदि 30 से 40 प्रतिशत विधायकों के टिकट काट दिए गए तो वे बगावत पर उतर जाएंगे। ऐसे में वे सपा, बसपा या कांग्रेस के टिकट पर भी भाजपा उम्मीदवार के सामने चुनाव लड़कर पार्टी का चुनावी गणित बिगाड़ सकते है। ऐसे में पार्टी ने तय किया है कि उन्हीं विधायकों का टिकट काटा जाएगा, जिन्हें चुनाव नहीं लड़ाने या उनके बगावती होने से पार्टी पर ज्यादा असर न पड़े। ऐसे विधायक जिनका टिकट काटने से उनकी जाति के वोट बैंक खिसकने का डर है, उन्हें जिले की दूसरी सीट या उनकी जाति के बाहुल्य वाले इलाके की किसी सीट से चुनाव लड़ाया जाएगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक खासतौर पर कुर्मी, मौर्य, राजभर, भूमिहार, ब्राह्मण, ठाकुर सहित कुछ अन्य जातियों के प्रभावशाली विधायकों की सीट बदली जाएगी।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox