नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/चंडीगढ़/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- हरियाणा सरकार ने गोरखधंधा शब्द के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रदेश में अब इस शब्द का कहीं भी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। गोरखनाथ समुदाय के इस शब्द पर आपत्ति जताए जाने के बाद मनोहर लाल सरकार ने यह फैसला किया है। समुदाय की मांग पर बुधवार को सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि अनैतिक प्रथाओं के लिए आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले गोरखधंधा शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। गोरखनाथ समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने इस शब्द के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया था। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सीएम को बताया कि इस शब्द के नकारात्मक अर्थ निकालने से संत गोरखनाथ के अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
यहां बता दें कि इस शब्द का इस्तेमाल भोले-भाले लोगों को अपने शब्दों के मायाजाल में फंसाकर लूटने को लेकर किया जाता है। कुछ लोग आज भी गोरखधंधा कर लोगों को चपत लगाते है। लेकिन प्रदेश सरकार ने इसे एक समुदाय से जोड़ दिया है। हालांकि गोरखनाथ समुदाय से इस शब्द का कोई लेना देना नही है। यह शब्द केवल एक कार्य विशेष के संबोधन में उपयोग किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोरखनाथ एक संत थे। किसी भी राजभाषा, भाषण या किसी संदर्भ में इस शब्द का इस्तेमाल उनके अनुयायियों की भावनाओं को आहत करता है, इसलिए अब इसके उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सीएम के मुताबिक हरियाणा में गुरु गोरखनाथ के अनेक अनुयायी हैं। हम उनकी भावनाओं को किसी शब्द से आहत नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा, प्रदेश में जब भी किसी समुदाय ने किसी नाम या शब्द को लेकर आपत्ति जताई है। उसे सरकार ने या तो बदला है या उसके उपयोग पर पाबंदी लगाई है।


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