गोगरा-हॉट स्प्रिंग से पीछे हटने को तैयार नही चीन, दिखा रहा पैंतरेबाजी

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गोगरा-हॉट स्प्रिंग से पीछे हटने को तैयार नही चीन, दिखा रहा पैंतरेबाजी

-चीन के वार्ता से पीछे हटने व नई शर्त से भारतीय सेना सतर्क

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/पैंगोंग/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना महामारी की आड़ में छलकपट कर सीमाओं को बदलने की फिराक में लगा चीन अब सैन्य वापसी को लेकर एक बार फिर पैंतरेबाजी दिखाने लगा है। हालांकि पैंगोंग झील सेक्टर पर भारत और चीन के सैनिकों के पीछे हटाने की प्रक्रिया इसी साल पूरी हुई है। इसके बाद चीन को पूर्वी लद्दाख के गोगरा और हॉट स्प्रिंग से सेना हटानी थी लेकिन उसने ऐसा करने की बजाय पैंतरेबाजी शुरू कर दी। पहले चीन ने साफ कहा कि वह पूर्वी लद्दाख के गोगरा और हॉट स्प्रिंग इलाकों से अपनी सेना को नहीं हटाएगा और इसके लिए उसने नई शर्त रखते हुए कहा है कि वह इन इलाकों में विवाद का हल स्थानीय कमांडरों के स्तर पर चाहता है न कि भारत-चीन के बीच चल रही कॉर्प्स कमांडर वार्ता से।
                   यहां बता दें कि अभी तक भारत और चीन के बीच 11 दौर की कॉर्प्स कमांडर स्तरीय वार्ता हो चुकी है। दोनों सेनाओं के बीच हॉटलाइन के जरिए 12वें दौर की वार्ता की तारीखों पर फैसला किया जाना है, लेकिन चीन की ओर से इसको लेकर कोई पहल नहीं की गई है। भारत ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्ते सामान्य करने के लिए पूर्वी लद्दाख में सेनाओं का पीछे हटना पहली शर्त है। मई 2020 में चीनी सेना की ओर से पैंगोंग त्सो झील और गोगरा-हॉट स्प्रिंग में दिखाई आक्रामकता के बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं।
                   इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया, 12वें दौर की वार्ता की तारीखें तय नहीं हुई हैं और इस बीच पीएलए ने यह कहा है कि एलएसी पर पैंगोंग त्सो झील से सैनिकों की वापसी दोनों देशों की लीडरशीप के लक्ष्य के हिसाब से हुई है। चीन चाहता है कि गोगरा हॉट स्प्रिंग इलाके पर सैनिकों के पीछे हटने के प्रक्रिया स्थानीय कमांडरों के स्तर पर हो और इसके लिए कोई खास वार्ता न बुलाई जाए। इससे यह तो स्पष्ट है कि चीन इन इलाकों में विवाद का जल्दी कोई हल निकालने के मूड में नहीं है। एलएसी पर चार इलाकों में टकराव की स्थिति बनी हुई थी। इनमें सबसे ज्यादा टकराव पेंगोंग लेक इलाके में था। लेकिन इसके अलावा डेप्सांग में भी सेनाएं आमने-सामने हैं। हालांकि वहां टकराव के दौरान यथास्थिति में बदलाव नहीं हुआ था। जबकि गोगरा और हॉट स्प्रिंग में सेनाएं पहले थोड़ा पीछे हटी हैं लेकिन इन इलाकों में भी मई 2020 से पहले की स्थिति अभी बहाल होनी बाकी है। कहने का तात्पर्य यह है कि पेंगोंग में पूर्व की स्थिति बहाल होने का रास्ता साफ हो चुका है। लेकिन बाकी तीन इलाकों पर अभी वार्ताओं के दौर होंगे।
                    दरअसल ये इलाके भारत और चीन, दोनों के लिए रणनीतिक तौर पर बेहद अहम है। चीनी सेना गोगरा, हॉट स्प्रिंग और कोंगका ला क्षेत्र से इलाके में तैनात अपने सैनिकों के लिए भारी मात्रा में रसद पहुंचा पाती है।

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