मानसी शर्मा /- राजस्थान का मशहूर बीकानेर हाउस पर संकट के बादल आ गए हैं। बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने बीकानेर हाउस को कुर्क करने का आदेश दिया है। 50 लाख रुपए के विवाद के मामले में कोर्ट ने यह आदेश दिया है। बता दें कि दिल्ली में मौजूद यह आलीशान भवन का मालिकाना हक नोखा म्यूनिसिपल काउंसील के पास है।
यह विवाद लगभग चार साल पहले का है। बता दें कि, एक कंपनी को 50.31 लाख रुपए की मध्यस्थता राशि का भुगतान नहीं करने के बाद कोर्ट ने कुर्की का आदेश दिया है। जिला जज विद्या प्रकाश ने यहा आदेश जारी करते हुए कहा नगर पालिका के द्वारा जारी वारंट के मुताबिक, बीकानेर हाउस ने इनवायरो इन्फ्रा इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड को 50,31,512 रुपए का भुगतान नहीं किया है।
निर्देशों का पालन नहीं किया गयाः कोर्ट
जिला न्यायाधीश विद्या प्रकाश ने आदेश पारित करते हुए कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में नगर पालिका द्वारा याचिका दाखिल की गई थी लेकिन, याचिका खारिज कर दी गई थी। जिसके बाद एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में 2020 में दिए गए आदेश को बरकरार रखा गया है। उन्होंने कहा कि 2020 में पारित हुए अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किया गया है। जज ने कहा कि बार-बार मौका दिए जाने के बाद भी देनदार अपनी संपत्ति का हलफनामा कोर्ट में पेश नहीं किया।
नोटिस चस्पा किया गया
अदालत ने कहा कि बीकानेर हाउस के खिलाफ कुर्की वारंट जारी करना एक उपयुक्त मामला है। साथ ही कोर्ट ने नगरपालिका नोखा को इस संपत्ति की ब्रिक्री, उपहार या अन्य किसी रूप में किसी को देने पर रोक लगा दिया है। अदालत ने नोखा नगर पालिका के प्रतिनिधि को अगली सुनवाई पर पेश होने को कहा है। वहीं, अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी। फिलहाल बीकानेर हाउस पर कुर्की वाला नोटिस चस्पा कर दिया गया है।


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