नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- दिल्ली पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता एक बार फिर सामने आई है। उत्तरी जिले के थाना बाड़ा हिंदू राव की टीम ने “ऑपरेशन मिलाप” के तहत एक सराहनीय कार्य करते हुए एक 5 वर्षीय बच्ची को महज कुछ घंटों के भीतर उसके माता-पिता से सुरक्षित रूप से मिला दिया। इस मानवीय प्रयास से न सिर्फ एक परिवार को राहत मिली, बल्कि पुलिस के प्रति आमजन का भरोसा भी और मजबूत हुआ।
शाम की गश्त के दौरान मिली लावारिस बच्ची
घटना 29 दिसंबर 2025 की है। थाना बाड़ा हिंदू राव में तैनात हेड कांस्टेबल सद्दाम शाम की नियमित गश्त पर थे। करीब शाम 6 बजे जब वे बीजी रोड स्थित बाड़ा कॉर्नर के पास पहुंचे, तो उन्होंने वहां एक छोटी बच्ची को अकेले और घबराई हुई हालत में खड़ा देखा। बच्ची की उम्र लगभग 5 साल थी और वह अपने माता-पिता या पते के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पा रही थी। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पुलिसकर्मी बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर थाने पहुंचे।
विशेष टीम का गठन, तुरंत शुरू हुई तलाश
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बच्ची के परिजनों की तलाश के लिए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व एसआई कपिल कर रहे थे, जिसमें एएसआई प्रवीन, एचसी सद्दाम, महिला कांस्टेबल उपासना और महिला कांस्टेबल प्रिया शामिल थीं। पूरी कार्रवाई थाना बाड़ा हिंदू राव के लॉ एंड ऑर्डर इंस्पेक्टर गणेश कुमार की निगरानी और एसीपी सदर बाजार विदुषी कौशिक के मार्गदर्शन में की गई।
बच्ची की देखभाल के साथ खोज अभियान
सबसे पहले पुलिस टीम ने बच्ची को शांत करने के लिए उसे दूध, बिस्किट और अन्य खाने-पीने की चीजें उपलब्ध कराईं। इसके बाद इलाके में लाउडहेलर के जरिए घोषणा कराई गई और आसपास के क्षेत्रों में घर-घर जाकर पूछताछ शुरू की गई। साथ ही, आसपास के थानों को सूचित करते हुए वायरलेस संदेश भी प्रसारित किया गया, ताकि बच्ची से जुड़ी कोई सूचना जल्द मिल सके।
नबी करीम थाने से मिली अहम जानकारी
तलाश के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता तब मिली जब थाना नबी करीम से सूचना प्राप्त हुई कि एक दंपती अपनी 5 वर्षीय बच्ची की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे हैं। तुरंत उन्हें थाना बाड़ा हिंदू राव बुलाया गया। कुछ ही देर में माता-पिता थाने पहुंचे और उन्होंने बच्ची की पहचान अपनी बेटी ‘आर’ के रूप में की। बच्ची भी अपने माता-पिता को देखते ही उनसे लिपट गई, जिससे वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं।
कैसे बिछड़ गई थी बच्ची
बच्ची के पिता ने बताया कि वह अपनी बेटी के साथ आजाद मार्केट में खरीदारी के लिए आए थे। भीड़ के दौरान बच्ची उनका हाथ छुड़ाकर कहीं खो गई। काफी देर तक तलाश करने के बाद वे थाना नबी करीम पहुंचे और गुमशुदगी की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस की तत्परता से उन्हें उनकी बेटी वापस मिल गई।
परिवार ने जताया आभार
सभी आवश्यक सत्यापन के बाद बच्ची को सकुशल उसके माता-पिता के हवाले कर दिया गया। परिवार ने दिल्ली पुलिस और विशेष रूप से थाना बाड़ा हिंदू राव की टीम का दिल से धन्यवाद किया। उनका कहना था कि अगर पुलिस समय पर सक्रियता न दिखाती, तो कोई अनहोनी भी हो सकती थी।
दिल्ली पुलिस की संवेदनशीलता की मिसाल
यह पूरी घटना दिल्ली पुलिस की मानवीय सोच और बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। “ऑपरेशन मिलाप” जैसे अभियानों के माध्यम से पुलिस न केवल कानून व्यवस्था संभाल रही है, बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रही है।


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