नजफगढ़ मेट्रो न्यूज़/ नई दिल्ली/ मानसी शर्मा – हाल ही के दिनों में हनुमान चालीसा को लेकर देश के अलग-अलग कोनों में से विवाद की खबरें सामने आ रही थी । इसी बीच हनुमान चालीसा को लेकर इंदौर से एक बड़ी खबर सामने आई है दरअसल, हनुमान चालीसा सुंदरकांड और रामायण को अब उर्दू भाषा में परिभाषित किया जाएगा ।
आपको बता दें, कि इंदौर शहर में यह परिभाषित रामायण सुंदरकांड और हनुमान चालीसा को लोग काफी ज्यादा तादात में खरीद रहे हैं। खास बात तो यह है कि पिछले कुछ महीनों में युवाओं ने सबसे ज्यादा हनुमान चालीसा खरीदी है । दुकान संचालक का कहना है कि पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रदेश से विस्थापित सिंधी समाज के लोग ने इंदौर में शरण ली है इन लोगों को अब भारत की नागरिकता प्राप्त हो चुकी है लेकिन यह कई सालों से पाकिस्तान में ही रहे थे इसी वजह से इनको हिंदी पढ़ने में काफी ज्यादा तकलीफ होती है पाकिस्तान में कई साल रहने के बाद इनको उर्दू पढ़ने काफी ज्यादा सरल लगती है।

इसी वजह से इन नागरिकों को उर्दू भाषा में हमारे सभी ग्रंथों को परिभाषित किया जाएगा ताकि पाकिस्तान में रहने वाले या फिर पाकिस्तान से आए हुए हिंदू परिवार के लोग धर्म से जुड़ सके और अपने धर्म के बारे में ज्यादा से ज्यादा ज्ञान प्राप्त कर सके खास बात तो यह है कि कई मुस्लिम परिवारों के लोगों ने भी उर्दू परिभाषित हनुमान चालीसा खरीदी है। इसके साथ ही दुकान संचालक ने यह भी बताया कि उनके पास दुकान पर उर्दू में लिखी गीता भी है।
इसके साथ ही पहले जहां 1 दिन में 200 के आसपास धार्मिक किताब बिकती थी आप उससे कहीं ज्यादा बिक्री होनी शुरू हो गई है इसके साथ ही उर्दू में परिभाषित धार्मिक किताबों की मांग दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।


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