नई दिल्ली/- समरकंद में 15-16 सितंबर को आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन के 22वें सम्मेलन में पीएम मोदी समेत कई राष्ट्राध्यक्ष भाग ले रहे है। इसमे पाकिस्तान के शहबाज शरीफ भी शामिल हो रहे है जिसे देखते हुए यह संभावना बढ़ गई है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व शहबाज शरीफ के बीच द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है। क्योंकि अकसर इस तरह के सम्मेलनों में यहां उनके कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से द्विपक्षीय बैठक की भी संभावना है। हालांकि, इस बात की कम ही संभावना है कि पीएम मोदी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ कोई बैठक करें। हालांकि, पाकिस्तान में जो बाढ़ के हालात हैं उसे देखते हुए मुलाकात की संभावना से इनकार भी नहीं किया जा सकता है। लेकिन अब रूस ने भी साफ कर दिया है कि पाकिस्तान के पीएम से पुतिन की मुलाकात नही होगी।
पीएम मोदी ने 2015 में रूस के उफा में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के तत्कालीन पाक पीएम नवाज शरीफ से मुलाकात की थी। इसके बाद भी भारत-पाकिस्तान के संबंधों में कोई सुधार नहीं हुआ है। पाकिस्तान में आतंकी ढांचे फल-फूल रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए सीमा पार से किए जा रहे प्रयासों में भी कोई कमी नहीं दिख रही है।
यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति के लिए ब्रिटेन के द्वारा पाकिस्तान को एक हवाई-पुल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा अमेरिका ने भी पाकिस्तान की वायु सेना को थ्16 की आपूर्ति की है। पाकिस्तान वायु सेना के थ्16 बेड़े का इस्तेमाल आतंकवाद विरोधी अभियानों के बजाय भारत के खिलाफ करने की कोशिश की जाती है।
शहबाज शरीफ की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक की भी कम संभावना है। पाकिस्तान के करीबी सहयोगी चीन और तुर्की और अजरबैजान के नेताओं के शरीफ से मिलने की उम्मीद है।


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