नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- मुसलमानों का पवित्र महीना रमजान 1447 AH आज शाम से शुरू होने की संभावना है, लेकिन यह पूरी तरह से रमजान के चांद (हिलाल) की रुयत (देखना) पर निर्भर करेगा। सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में मुसलमानों से अपील की है कि वे आज शाम (मंगलवार, 17फरवरी 2026) मग़रिब की नमाज के बाद पश्चिम दिशा में रमजान का नया चांद देखने की कोशिश करें। जो भी व्यक्ति नंगी आंखों से या दूरबीन से चांद देख ले, वह निकटतम अदालत में गवाही दर्ज कराए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट शाम में विशेष बैठक कर फैसला सुनाएगी और आधिकारिक घोषणा करेगी।
सऊदी अरब में पहला रोजा कब?
अगर आज शाम (17फरवरी) चांद दिख गया, तो सऊदी अरब में पहला रोजा 18फरवरी 2026 (बुधवार) से शुरू होगा।
अगर चांद नहीं दिखा, तो पहला रोजा 19फरवरी 2026 (गुरुवार) से होगा।
भारत में पहला रोजा कब रखा जाएगा?
भारत में रमजान की शुरुआत आमतौर पर सऊदी अरब से एक दिन बाद होती है, क्योंकि यहां चांद बाद में दिखता है। भारतीय मुस्लिम संगठन जैसे जमीअत उलेमा-ए-हिंद, मौलाना मौलवी और स्थानीय मस्जिद कमेटियां सऊदी घोषणा का इंतजार करती हैं, लेकिन खगोलीय स्थिति को भी देखा जाता हैं।
. अगर सऊदी में 18फरवरी से रमजान शुरू हुआ, तो भारत में पहला रोजा 19फरवरी 2026से।
. अगर सऊदी में 19फरवरी से, तो भारत में 20फरवरी 2026से।
रमजान 2026की मुख्य तारीखें
पहला रोजा:19फरवरी 2026 (भारत में संभावित)
लैलतुल कद्र (शब-ए-कद्र):16-17मार्च 2026के आसपास
आखिरी अशरा:10-19मार्च
ईद-उल-फित्र:20 मार्च 2026 (संभावित, शाव्वाल चांद पर निर्भर)


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