संडे हो या मंडे रोज खाएं अंडे लेकिन सोच समझकर..

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संडे हो या मंडे रोज खाएं अंडे लेकिन सोच समझकर..

-गाजियाबाद में अंडे के भीतर मिला प्लास्टिक, डीएम ने दिये जांच के आदेश -दिल्ली एनसीआर में बढ़ी नकली अंडों की बिक्री, सोच समझकर करें अंडो का सेवन

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/गाजियाबाद/शिव कुमार यादव/- यूपी के गाजियाबाद में नकली अंडे का मामला सामने आया है। एक शख्स ने अपने कुत्ते को खिलाने के लिए जो अंडा खरीदा था उसमें प्लॉस्टिक की जर्दी निकलने से सभी हैरान है। उक्त शख्स की शिकायत पर डीएम गाजियाबाद ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिये है साथ ही यह भी निर्देश दिये है कि लोग सोच समझकर अंडों का सेवन करे। हालांकि, यह पहली बार नहीं है कि जब इस तरह से नकली अंडे का मामला सामने आया हो।
                   गाजियाबाद के मोदीनगर में रहने वाला एक व्यक्ति अपने कुत्ते को रोज अंडा खिलाता है। कुछ दिन पहले वह एक अंडा खरीद कर लाया। जैसे ही उसने कुत्ते के अंडा खाने के लिए दिया तो उसने मुंह घुमा लिया। आदमी को समझ ही नहीं आया कि आखिर कुत्ता अंडा क्यों नहीं खा रहा है। व्यक्ति परेशान हो गया। वह सीधा वेटिनरी डॉक्टर के बुलाया। डॉक्टर ने जब अंडे को देखा तो कहा कि अंडे में प्लास्टिक मिला है। इसके बाद मामला बढ़ा तो प्रशासन ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। ऐसे में आखिर लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि प्लास्टिक वाले इस अंडे का सच क्या है?

लोगों से लेकर व्यापारियों के मन में संदेह
यह पहली बार नहीं है कि इस तरह से नकली अंडे की खबर सामने आई है। देश के अलग-अलग हिस्सों में प्लास्टिक के अंडे या नकली अंडे की खबर सामने आती है। ऐसे में आम लोगों से लेकर व्यापारियों की तरफ से नकली या प्लास्टिक के अंडों को लेकर संदेह पैदा होता है। दो साल पहले देहरादून के प्रेमनगर में भी एक व्यक्ति ने अंडे के भीतर प्लास्टिक जैसी झिल्ली होने की शिकायत की थी। इतना ही नहीं जब उन अंडों को फोड़ा गया था तो उसमें जर्दी वाला गोल हिस्सा सख्त था। वहीं, कुछ लोगों ने अंडे के छिलकों को जलाया था। तब यह छिलका प्लास्टिक की तरह सिकुड़ने लगा। साथ ही इसमें से प्लास्टिक जैसी दुर्गंध आने लगी थी। हालांकि, प्रशासन की तरफ प्लास्टिक के अंडे की बात का खंडन किया गया था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी का कहना था कि स्टोरेज में दिक्कत के कारण इस तरह की समस्या आती हैं।

प्लास्टिक का अंडा बनाया जा सकता है?
नकली अंडे की अफवाह के बीच एक और सवाल काफी अहम है। क्या प्लास्टिक का अंडा बनाया जा सकता है? इस बारे में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसआई) साफ कर चुका है कि प्लास्टिक का अंडा एक मिथ है। अथॉरिटी का कहना है कि ऐसी कोई तकनीक नहीं है कि जिससे असली अंडे के जैसा प्लास्टिक या आर्टिफिशियल अंडा बनाया जा सके। एफएसएसआई ने कहा था कि लोगों को यह याद रखने की जरूरत है कि अंडे की क्वालिटी और रंगरूप स्टोरेज में गड़बड़ी होने पर प्रभावित हो सकता है। साथ ही अगर अंडे को अगर एक दिन भी रूम टेंपरेचर पर रखा जाए तो उसके खराब होने की आशंका बनी रहती है।

नकली अंडे की कैसे करें जांच
एफएसएसआई के अनुसार अंडे की जांच पानी में डुबा कर की जा सकती है। मग या किसी अन्य पानी भरे बर्तन में अंडे को डुबाने पर फ्रेश अंडा पूरी तरह से डूब जाता है। वहीं, हल्का पुराना अंडा पानी के तल से थोड़ा ऊपर दिखाई देगा। खराब या पुराना हो चुका अंडा पानी में ऊपर तैरने लग जाता है।

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