नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/– केन्द्रीय आर्य युवक परिषद् के तत्वावधान में हिन्दुत्व व राष्ट्र के सजक प्रहरी वीर बंदा बैरागी के 306 वें बलिदान दिवस पर ऑनलाइन श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि वीर बंदा बैरागी ने मुगल सल्तनत के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल बजाया और जमींदारी प्रथा व अत्याचारों के विरुद्ध एक नई क्रांति को जन्म दिया था,आप भारतीय इतिहास के वो स्वर्णिम हस्ताक्षर है जिन पर प्रत्येक भारतीय का सीना गर्व से ऊंचा हो जाता है। इनका पूरा नाम बाबा बन्दा सिंह बहादुर था।दिल्ली के होर्डिंग लाइब्रेरी के स्थान पर उनके टुकड़े टुकड़े करके वध किया गया था।उनके 794 साथी पकड़ कर लाये गए और प्रतिदिन 100 सिखों का वध किया जाता रहा,पर उन्होंने इस्लाम स्वीकार नहीं किया।आज की युवा पीढ़ी को अपने देश के महान बलिदानियों का जीवन पढ़ना चाहिए।बन्दा बैरागी हज़ारों सिख सैनिकों को साथ लेकर पंजाब की ओर चल दिये।उन्होंने सबसे पहले श्री गुरु तेगबहादुर जी का शीश काटने वाले जल्लाद जलालुद्दीन का सिर काटा।फिर सरहिन्द के नवाब वजीरखान का वध किया।
आर्य रविदेव गुप्ता ने वैदिक समाज व्यवस्था पर बोलते हुए कहा कि साम्यवाद समाज की व्यवस्था है।हम संतान के ऋणी है और संतान हमारी ऋणी है। कोरोना ने सामाजिक मेल जोल बढ़ाया है समाज आपसी सहयोग से चलता है।इससे सर्वकल्याण की भावना बनती है। समाज के प्रति कृतज्ञता रखना मनुष्यता है। जलवायु प्रकृति शुद्ध रखें यह देव ऋण है। समाज के ताने बाने से ही सब काम होते हैं। मनुष्य पर तीन ऋण होते है परिवार, समाज व राष्ट्र का ऋण उनसे उऋण होने का सदैव प्रयत्न करना चाहिए।
आचार्य अखिलेश्वर जी ने भी वीर बंदा के बलिदान को स्मरण कर प्रेरणा लेने का आह्वान किया। प्रान्तीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि वीर बंदा वैरागी का बलिदान अमर रहेगा। गायक रविन्द्र गुप्ता,उमा मिगलानी,प्रवीना ठक्कर,जनक अरोड़ा,कौशल्या अरोड़ा आदि के मधुर भजन हुए।


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