मानसी शर्मा /- रेलवे में टिकट कलेक्टर के रूप में नौकरी देने का झांसा देकर 5 लोगों के साथ धोखाधड़ी होने की जानकारी सामने आई है। खुद की कन्या को नौकरी प्राप्त होने और इसके लिए लाखों रुपए देने पर आपको भी नौकरी मिलने का जाल बेरोजगारों की तरफ फेंका गया। इसमें 54 बेरोजगार फंसे। इसके बाद नासिक के एकदंत नगर निवासी संदिग्ध सालुंके परिवार फरार हो गया। इस मामले में अंबड पुलिस थाना में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है।
निजी सेवा में कार्यरत सहित सरकारी सेवा की प्रतिक्षा करने वालों को संदिग्ध अंबिका पैरेडाईज, अंबड निवासी भावसिंग सालुंके, पत्नी मनीषा सालुंके और कन्या श्रुतिका सालुंके ने निश्चित किया। बिना कोई रेल भर्ती की परीक्षा दिए टीसी के रूप में नियुक्ति दिलाने का दावा किया। मार्च माह में फर्जी भर्ती प्रक्रिया का आगाज हुआ। समय-समय पर 5 लोगों से लाखों रुपए की उगाही की।
फर्जी चिकित्सा प्रमाणपत्र और नियुक्ति पत्र सौंपा उन्हें फर्जी वैद्यकीय प्रमाणपत्र और नियुक्ति पत्र सौंपा। कुछ उम्मीदवार नियुक्ति पर पहुंचने के बाद फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इस मामले में स्वप्निल विसपुते ने शिकायत दर्ज कराई है। सालुंके परिवार के इस फर्जीवाड़े में राज्य के अनेक बेरोजगार फंसने की संभावना जताई जा रही है।
नौकरी का झांसा देकर स्वप्निल राजेंद्र विसपुते (5 लाख रुपए), सोनाली पाटिल (13 लाख 70 हजार), पंकज पवार (15 लाख), मनीषा सुरवाडे (10 लाख), शिवाजी मगलकर (11 लाख) आदि के साथ धोखाधड़ी हुई हैं। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।


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