राज्यसभा हार के बाद उमर अब्दुल्ला का बीजेपी पर तंज: कहा—हमें धोखा मिला

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राज्यसभा हार के बाद उमर अब्दुल्ला का बीजेपी पर तंज: कहा—हमें धोखा मिला

मानसी शर्मा/-   जम्मू और कश्मीर में हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनावों ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने चुनाव परिणामों पर निराशा जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) को कुछ विधायकों की ओर से ‘धोखा’ मिला, जिसकी वजह से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को अप्रत्याशित रूप से एक सीट पर जीत हासिल हुई। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर होता अगर ये लोग गुप्त रूप से विश्वासघात करने के बजाए खुले तौर पर बीजेपी का समर्थन करते। इस चुनाव में कुल चार सीटों पर मतदान हुआ, जहां एनसी-कांग्रेस गठबंधन को तीन सीटें मिलीं, जबकि बीजेपी ने एक सीट पर कब्जा जमाया।
कश्मीर में राज्यसभा चुनाव

बता दें, जम्मू और कश्मीर विधानसभा में कुल 90सदस्य हैं और राज्यसभा की चार सीटों के लिए मतदान 24अक्टूबर को हुआ। एनसी के पास 42विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 6, पीडीपी के 3और अन्य छोटी पार्टियों व निर्दलीयों का समर्थन भी गठबंधन के साथ था। बीजेपी के पास विधानसभा में 29सदस्य हैं। चुनाव से पहले गठबंधन को उम्मीद थी कि वे सभी चार सीटें जीत लेंगे, लेकिन परिणाम 3-1के रूप में आए। बीजेपी के उम्मीदवार को उम्मीद से ज्यादा वोट मिले, जिसे अब्दुल्ला ने ‘अतिरिक्त चार वोट’ बताते हुए संदिग्ध करार दिया।

अब्दुल्ला ने कहा ‘हमें 3-1के नतीजे से निराश नहीं होना चाहिए। हमने 4-0की कोशिश की थी। असली निराशा उन लोगों की ओर से मिले धोखे की है, जिनके नाम सबको पता हैं। मैं कांग्रेस समेत सभी समर्थकों का शुक्रिया अदा करता हूं। हमें दुख उन लोगों का है जिन्होंने आखिरी समय में धोखा दिया। लेकिन खुशू की बाच यह है कि एनसी का एक भी वोट बेकार नहीं गया।’ उन्होंने आगे जोड़ा कि कुछ विधायकों ने जानबूझकर वोट अमान्य कराए या बीजेपी को फायदा पहुंचाया, जो गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े करता है।

गठबंधन में पहले से दरारें

मालूम हो कि यह विवाद एनसी-कांग्रेस गठबंधन में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा सकता है। चुनाव से कुछ दिन पहले कांग्रेस ने एनसी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने राज्यसभा सीटों के बंटवारे में ‘विश्वासघात’ किया है। कांग्रेस ने दावा किया कि गठबंधन होने के बावजूद एनसी ने उन्हें सुरक्षित सीट नहीं दी, जिससे वे चुनाव लड़ने से पीछे हट गए।  वहीं, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन सजाद लोन ने अब्दुल्ला पर पलटवार करते हुए कहा कि एनसी ने ही बीजेपी को सात विधायकों का ‘गिफ्ट’ दिया, जिससे चुनावी नतीजे प्रभावित हुए। लोन ने इसे ‘धोखे की राजनीति’ करार दिया और कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता को बार-बार विश्वासघात का सामना करना पड़ रहा है।

बीजेपी की प्रतिक्रिया

बीजेपी ने अपनी जीत को ‘रणनीतिक सफलता’ बताते हुए गठबंधन के सभी आरोपों को खारिज किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह जीत जम्मू क्षेत्र में उनके मजबूत आधार को दर्शाती है। हालांकि, अब्दुल्ला के आरोपों ने विधानसभा में क्रॉस-वोटिंग की संभावना को उजागर किया है, जो भविष्य में गठबंधन की स्थिरता पर असर डाल सकता है।

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