राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-   कर्नाटक की राजनीति में हलचल मच गई है, जब राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) में कथित घोटाले की जांच और मुकदमा चलाने का आदेश दे दिया। कांग्रेस ने पहले ही राज्यपाल पर कर्नाटक सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है।

मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) और इसका विवाद

मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) एक सरकारी एजेंसी है, जो शहरी विकास को बढ़ावा देने और लोगों को गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे और सरकारी आवास मुहैया कराने का कार्य करती है। 2009 में, MUDA ने “50:50” योजना शुरू की थी, जिसके तहत भूमि खोने वालों को विकसित भूमि का 50% हिस्सा देने का प्रावधान था। हालांकि, भाजपा सरकार ने 2020 में इस योजना को बंद कर दिया था।

सिद्धारमैया पर लगाए गए आरोप

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर आरोप है कि योजना बंद होने के बाद भी भूमि अधिग्रहण और आवंटन जारी रहा। विशेष रूप से, उनके परिवार को लाभ पहुंचाने का आरोप है। सिद्धारमैया की पत्नी की 3 एकड़ और 16 गुंटा भूमि MUDA द्वारा अधिग्रहित की गई और इसके बदले में महंगे इलाके में 14 साइटें आवंटित की गईं। यह आवंटन राज्य सरकार की 50:50 योजना के तहत हुआ, जिसके कारण घोटाले के आरोप लगाए गए हैं।

राज्यपाल की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

गुरुवार को कर्नाटक कैबिनेट ने राज्यपाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। शनिवार को, कानून विशेषज्ञों की सलाह के बाद, राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत दे दी। कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों ने इस कार्रवाई को सरकार को अस्थिर करने की कोशिश के रूप में देखा है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox