नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- भारत में त्योहारों की शुरुआत हो चुकी है और इनमें से एक महत्वपूर्ण त्योहार है जन्माष्टमी। भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव पर दुनियाभर में हर्षोल्लास से यह पर्व मनाया जाता है। देशभर में इस पर्व को मनाने के तरीके अलग-अलग होते हैं, लेकिन राजस्थान के नाथद्वारा में इसे मनाने का तरीका विशेष और अनोखा है।
नाथद्वार के श्रीनाथ मंदिर में 21 तोपों की सलामी
राजस्थान के नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है। यहां के भक्त भगवान कृष्ण को 21 तोपों की सलामी देते हैं। यह परंपरा दशकों से चली आ रही है और इसे देखकर कोई भी चकित रह सकता है। जन्माष्टमी की रात 11:30 बजे मंदिर का कपाट आधे घंटे के लिए बंद कर दिया जाता है। इसके बाद रात 12 बजे मंदिर के कपाट खोलने पर 21 बार तोपों की सलामी दी जाती है और भगवान कृष्ण के जन्म की खुशी में ढोल-नगाड़े बजाए जाते हैं।
श्रीनाथ मंदिर का पुराना इतिहास और आकर्षण
श्रीनाथ मंदिर अरावली पर्वतमाला पर स्थित है और इसकी खूबसूरती पर्यटकों को आकर्षित करती है। मंदिर के पास से बहती बनास नदी और आसपास की प्रकृति के सुंदर दृश्य भक्तों और पर्यटकों को शांति और आनंद प्रदान करते हैं। इस मंदिर का इतिहास भी बहुत पुराना है। कहा जाता है कि औरंगजेब ने इस मंदिर पर हमला किया था, लेकिन यहां के पुजारियों ने श्रीनाथ जी की मूर्तियों को सुरक्षित निकाल लिया था। नाथद्वारा में जन्माष्टमी के उत्सव और श्रीनाथ मंदिर की परंपराओं को देखने के लिए हर साल बहुत से श्रद्धालु और पर्यटक यहां आते हैं।


More Stories
तिरंगे के साथ दौड़े 80 धावक, साइकिलिस्टों ने पूरी की 80 किमी राइड
मधु विहार में हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
ओवरस्टे मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, 2024 में घोषित हुआ था PO
ऑपरेशन VISTA 1.0 में तीन विदेशी नागरिक पकड़े
72 घंटे की एंड्योरेंस दौड़ में गुलाब सिंह का ऐतिहासिक प्रदर्शन
द्वारका मोड़ में रक्तदान शिविर, 90 लोगों ने किया रक्तदान