युवाओं में आत्मनिर्भरता बनाने में बकरी पालन की अहम भूमिका- डॉ गोदारा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 17, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

युवाओं में आत्मनिर्भरता बनाने में बकरी पालन की अहम भूमिका- डॉ गोदारा

-केवीके दिल्ली में 10 दिवसीय बकरी पालन व्यवसायिक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन -केविके के अध्यक्ष डॉ राणा ने किया शिविर का उद्घाटन

नजफगढ़/नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- कृषि विज्ञान केंद्र दिल्ली में वीरवार को बकरी पालन पर 10 दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण (18 से 28 अप्रैल 2024) शिविर की शुरूआत की गई। इस मौके पर मुख्यअतिथि डॉ जे पी गोदारा ने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने व किसानों की आय को दोगुना करने में बकरी पालन अहम भूमिका निभा सकता है।  

केवीके के अध्यक्ष डॉ डी के राणा ने 10 दिवसीय कैंप का उद्घाटन करते हुए कहा कि बकरी पालन के लिए दिल्ली क्षेत्र की जलवायु सबसे उत्तम हैं। उन्होने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए अपने विचार सांझा किए। बता दें कि इस कैंप में दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र जैसे विभिन्न राज्यों से 30 से अधिक प्रशिक्षु शामिल हुए है। उन्होंने इस बात पर भी ध्यान केंद्रित किया कि कृषि और बकरी पालन सिक्के के दो पहलू हैं जिसमें किसान वैज्ञानिक तरीकों और सरकारी योजनाओं का उपयोग करके अच्छा लाभ कमा सकते हैं। इसके बाद केविके के श्री कैलाश, विशेषज्ञ कृषि विस्तार पंजीकरण और पूर्वमूल्यांकन ने केविके से जुड़ी अन्य गतिविधियों के बारे में किसानों के साथ एक संक्षिप्त चर्चा की।
          प्रशिक्षण के समन्वयक डॉ. जे पी गोदारा, विशेषज्ञ पशुपालन ने बकरीपालन, के कार्यक्रम, इसके प्रबंधन, अर्थशास्त्र और बकरीपालन को एक सफल व्यवसाय के रूप में बढ़ाने के लिए शुरुआती बिंदुओं के बारे में प्रशिक्षण पर सामान्य चर्चा की। बातचीत सत्र के बाद उन्होंने बकरी पालन की शुरुआत के बारे में चर्चा की और किसान इससे लाभ कैसे कमा सकते हैं इसके बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को केवीके द्वारा की गई विभिन्न गतिविधियों के बारे में भी बताया गया और डॉ रितुसिंह, डॉ राकेशकुमार, श्री बृजेशकुमार, श्री रामसागर और सभी तकनीकी कर्मचारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया और मार्गदर्शन किया।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox