नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/इंफाल/शिव कुमार यादव/- मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोमवार 4 सितंबर को कहा कि उनकी सरकार ने ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ के अध्यक्ष और तीन सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। सिंह ने उन पर करीब चार महीने से अधिक समय से जातीय संघर्ष का दंश झेल रहे राज्य में स्थिति और बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। एडिटर्स गिल्ड ने हाल में दावा किया था कि मणिपुर में जातीय हिंसा पर मीडिया में आयी खबरें एकतरफा हैं। इसके साथ ही उसने राज्य नेतृत्व पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया था।
सीएम ने कहा, ‘‘राज्य सरकार ने एडिटर्स गिल्ड के सदस्यों के खिलाफ एक शिकायत दर्ज की है, जो मणिपुर राज्य में स्थिति को और बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं.’’ जिन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है, उनमें एडिटर्स गिल्ड की अध्यक्ष सीमा मुस्तफा और तीन सदस्य-सीमा गुहा, भारत भूषण तथा संजय कपूर शामिल हैं। गुहा, भूषण और कपूर ने जातीय हिंसा पर मीडिया रिपोर्ट्स का अध्ययन करने के लिए पिछले महीने राज्य का दौरा किया था। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ‘सभी समुदायों’ के प्रतिनिधियों से मिलना चाहिए था, न कि ‘केवल कुछ वर्गों से’।

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की एक टीम गई थी मणिपुर
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि एडिटर्स गिल्ड के सदस्य राज्य में हिंसा को बढ़ावा दे रहे थे और इससे तनाव बढ़ सकता था। मणिपुर में बीते तीन महीने से जारी जातीय संघर्ष की मीडिया रिपोर्ट्स को देखने के लिए एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की एक टीम मणिपुर गई थी, इसमें तीन सदस्य शामिल थे। सरकार ने इन तीनों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। सरकार का आरोप है कि यह टीम जो भी प्रस्तुत कर रही है वह झूठा और मनगढ़ंत है।


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