भारत–बांग्लादेश संबंधों में बढ़ता तनाव, वीजा सेवाएं बंद होने से हालात और बिगड़े

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
January 20, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-अल्पसंख्यकों पर हिंसा और राजनीतिक उथल-पुथल से बिगड़े रिश्ते

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-    भारत और बांग्लादेश के बीच दशकों से चले आ रहे सौहार्दपूर्ण संबंध इस समय अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हो रही हिंसा और वहां की आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता का असर अब द्विपक्षीय रिश्तों पर साफ नजर आने लगा है। भारत के कई हिस्सों में बांग्लादेश में हो रही घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं ढाका में भी भारत विरोधी स्वर तेज हो गए हैं। इस बढ़ते तनाव के बीच बांग्लादेश ने भारत में अपनी वीजा सेवाएं निलंबित करने की घोषणा कर दी है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में और खटास आ गई है।

शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बदले हालात
विशेषज्ञों के अनुसार, बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद से ही भारत–बांग्लादेश संबंधों में अस्थिरता देखने को मिल रही है। नई राजनीतिक परिस्थितियों में कट्टरपंथी संगठनों का प्रभाव बढ़ा है, जिसने भारत के प्रति नकारात्मक माहौल को और मजबूत किया है। दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी अब खुलकर सामने आने लगी है।

उस्मान हादी की हत्या से भड़की भारत विरोधी लहर
हालात उस समय और बिगड़ गए जब बांग्लादेश के भारत विरोधी और पूर्व शेख हसीना सरकार के कट्टर आलोचक नेता उस्मान हादी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद देश में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए। कट्टरपंथी समूहों ने आरोप लगाया कि हत्याकांड के आरोपी भारत भाग गए हैं और वहीं शरण लिए हुए हैं। हालांकि बांग्लादेश सरकार ने स्वयं इस बात की पुष्टि की है कि आरोपियों के भारत भागने के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। भारत ने भी इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है।

भारतीय मिशन के बाहर प्रदर्शन, सुरक्षा बनी चिंता
उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में भारत विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए। यहां तक कि भारतीय राजनयिक मिशनों के बाहर भी प्रदर्शन किए गए, जिससे वहां तैनात भारतीय अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए भारत ने चटगांव स्थित अपने भारतीय मिशन की सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने का निर्णय लिया।

वीजा सेवाओं पर रोक से आम लोगों पर असर
भारत के इस कदम के जवाब में बांग्लादेश ने भी भारत में अपनी वीजा सेवाएं बंद करने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले से दोनों देशों के नागरिकों, खासकर व्यापारियों, छात्रों और पारिवारिक कारणों से यात्रा करने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जानकारों का मानना है कि यह कदम राजनीतिक तनाव का सीधा असर है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

कूटनीतिक रिश्तों के भविष्य पर सवाल
वर्तमान हालात को देखते हुए यह स्पष्ट है कि भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में आई तल्खी केवल अस्थायी घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी राजनीतिक और वैचारिक वजहें हैं। दोनों देशों के बीच संवाद और भरोसे की बहाली के बिना हालात सुधरना मुश्किल माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते कूटनीतिक स्तर पर पहल नहीं की गई, तो यह तनाव आगे और गंभीर रूप ले सकता है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox