मानसी शर्मा /- अभिनेता राजकुमार राव (Rajkumar Rao) को इस बार राष्ट्रीय आइकन (National Icon) बनाने का निर्णय भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने लिया है। आयोग राजकुमार राव को आइकन देगा। नेशनल आइकन वोटिंग जागरूक करता है। उनका लक्ष्य वोटिंग प्रतिशत को बढ़ाना है।
अभिनेता राजकुमार राव ने कई हिट फिल्मों में काम किया है, लेकिन ‘न्यूटन’ ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। 2017 में आई फिल्म के लिए राजकुमार राव को बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला था। राजकुमार राव इस फिल्म में एक सरकारी क्लर्क की भूमिका में नजर आए। नूतन कुमार एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करने के लिए प्रतिबद्ध क्लर्क था। चुनाव आयोग चाहता है कि लोगों को अपनी भूमिका को भुनाते हुए वोटिंग करने का उत्साह जगाया जाए।
सचिन तेंदुलकर को अगस्त में बनाया था आइकन
इसी साल अगस्त में, चुनाव आयोग ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को राष्ट्रीय आइकन का दर्जा दिया था। भारत में अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग अधिक से अधिक लोगों को मतदान करने के लिए प्रेरित करना चाहता है। उसने पहले सचिन और फिर राजकुमार राव जैसी हस्तियों को चुना क्योंकि उसका फोकस युवाओं पर है।
क्या है नेशनल आइकन?
जब चुनाव आयोग किसी को अपना नेशनल आइकन बनाता है तो फिर उस सेलिब्रिटी को चुनाव आयोग के साथ एक समझौता ज्ञापन पर साइन करना होता है। यह ज्ञापन अगले 3 सालों के लिए होता है। इसके बाद वह सेलिब्रिटी विज्ञापन के जरिये, अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये या अन्य कार्यक्रमों के जरिये लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करता है। इससे पहले भी चुनाव आयोग कई खिलाड़ियों और अभिनेताओं को अपना नेशनल आइकन बना चुका है।


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