मानसी शर्मा/- देशभर में आज दशहरा का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है। साथ ही रावण का दहन किया जाता है। देश के अलग-अलग जगहों में रावण को जलाया जाता है। लेकिन भारत में कई ऐसी जगह है जहां रावण की पूजा की जाती है। इतना ही नहीं यूपी की एक जगह है जहां रावण का जन्मदिन भी मनाया जाता है। चलिए आपको इसके बारे में बताते है।
यूपी के इस मंदिर में होती है रावण की पूजा
दरअसल आज के दिन रावण के साथ-साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों को फूंका जाता है। लेकिन यूपी के कानपुर में आज के दिन रावण का दुग्ध स्नान और अभिषेक कर श्रंगार किया जाता है। उसके बाद रावण की पूजा की स्तुति कर आरती की जाती है। इसको लेकर मंदिर के पुजारियों का कहना है कि रावण को जब भगवान राम ने युध्दे के बाद माराथा तो उनका ब्रह्म बाण रावण की नाभि में लगा था। बाण लगने के बाद और रावण के धराशाही होने के बीच कालचक्र ने जो रचना की। उसने ही रावण को पूजने के योग्य बनाया है।
रावण जैसा धरातल पर आज तक नहीं हुआ कोई पैदा
इतना ही नहीं राम ने लक्ष्मण से कहा था कि रावण के पैरों की तरह खड़े होकर सम्मानपूर्वक नीति ज्ञान की शिक्षा ग्रहण कर सकते है क्योंकि धरातल पर न कभी रावण के जैसा कोई ज्ञानी पैदा हुआ है और न कभी होगा। रावण को यह स्वरूप की पूजा की जाती है। बता दें कि 1868 में कानपुर में इस मंदिर का निर्माण किया गया था और आज तक इसकी निरंतर पूजा की जाती है।
आज ही के दिन मनाया जाता है रावण का जन्मदिन
यह मंदिर साल में केवल एक दिन खुलता है। वो है दशहरे का दिन। इस मंदिर के खुलने का इतंजार लोग काफी इंतजार करते है। मंदिर खुलने पर यहां रावण की पूजा-अर्चना की जाती है। कहा जाता है कि इस मंदिर में दो भी मान्यता मांगी जाएं। वो हमेशा पूरी होती है। पूजा के साथ-साथ दशहरे के दिन ही रावण का जन्मदिन भी मनाया जाता है। वहीं इस बारे में बहुत कम लोग जाते है कि जिस दिन रावण को मोक्ष मिला था उसी दिन रावण का जन्म हुआ था।


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