भाजपा ने बंगाल चुनाव के लिए किया घोषणा पत्र जारी, 10 लोकलुभावन वायदों का दिया भरोसा

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June 6, 2026

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भाजपा ने बंगाल चुनाव के लिए किया घोषणा पत्र जारी, 10 लोकलुभावन वायदों का दिया भरोसा

-घोषणा पत्र में भाजपा ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33ः फीसदी आरक्षण, मछुआरों को हर साल 6 हजार रु और बंगाल में 3 नए एम्स खोलने का किया वादा

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/बंगाल/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- बंगाल में जिस तरह भाजपा और टीएमसी बंगाल चुनाव में अपनी जीत को लेकर जोर लगा रही हैं, उससे सभी की नजर भाजपा के घोषणा पत्र पर थी। इस बात का पहले ही अंदाजा था कि भाजपा बंगाल को रोजगार, भ्रष्टाचार से जुड़ी समस्याओं से निकालने के लिए अपनी रणनीति बना सकती है। इससे पहले 17 मार्च को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने टीएमसी का घोषणापत्र जारी किया था। 146 पेज के डॉक्यूमेंट में ममता ने कई वादे किए हैं। इसमें उन्होंने नौकरी, हेल्थ, एजुकेशन, किसानों और गरीबों के लिए योजना लागू करने का ऐलान किया है। लेकिन अब बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने भी अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। पार्टी ने इसे सोनार बांग्ला संकल्प पत्र कहा है। सरकारी नौकरी में महिलाओं को 33ः आरक्षण, मछुआरों को हर साल 6 हजार रुपए, केजी से पीजी तक महिलाओं की पढ़ाई फ्री करने और उत्तर बंगाल, जंगल महाल और सुंदरबन में तीन नए एम्स खोलने की बात कही है। वहीं, इन जगहों पर हर परिवार में एक सदस्य को रोजगार का वादा भी किया गया है।
कोलकाता के ईस्टर्न जोनल कल्चरल सेंटर में घोषणा पत्र जारी करते हुए शाह ने कहा, देश भर में बेरोकटोक हर धर्म का त्योहार मनाया जाए। सरस्वती और दुर्गा पूजा के लिए कोर्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी। 70 साल से जो शरणार्थी यहां बसे हैं, सीएए को पहली कैबिनेट में लागू कर उन्हें नागरिकता दी जाएगी। हर परिवार को 10 हजार रुपए सालाना दिए जाएंगे। ओबीसी में कुछ और समुदाय को जोड़ेंगे। किसान सम्मान निधि में 75 लाख किसानों को 18 हजार रुपए एक साथ बिना कटमनी के उनके खाते में दिए जाएंगे। किसान सम्मान निधि में 6 हजार रुपए केंद्र सरकार और 4 हजार रुपए राज्य सरकार देगी।

भाजपा के सोनार बांग्ला घोषणा पत्र की प्रमुख बातें-

  • -सभी सरकारी कर्मचारियों को 7वें वेतनमान का फायदा दिया जाएगा।
  • -सीएमओ के तहत एंटी करप्शन सिस्टम होगा। लोग सीधे सीएम तक शिकायत कर पाएंगे।
  • -दलित और पिछड़े वर्ग की छात्राओं को मदद दी जाएगी। 6वीं कक्षा में 3 हजार, 9वीं में 5 हजार रुपए मिलेंगे।
  • -विधवा पेंशन 3 हजार रुपए प्रति महीना की जाएगी।
  • -5 हजार करोड़ का इंटरवेंशन फंड होगा, जिससे किसानों की उपज खरीदी जाएगी।
  • -भूमिहीन किसानों और मछुआरों को 3 लाख रुपए का बीमा दिया जाएगा। किसान कार्ड की जगह उन्हें रुपे कार्ड देंगे।
  • -अमूल के साथ मिलकर मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएंगी, ऐसी 5 मेगा यूनिट बनाई जाएंगी।
  • -मुर्शिदाबाद में रिसर्च सेंटर बनेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में 10 हजार करोड़ का कादंबिनी हेल्थ फंड बनाया जाएगा। 900 नई 108 एंबुलेंस लाई जाएंगी।
  • -वन नेशन वन हेल्थ आईडी की शुरुआत की जाएगी।
  • -हर ब्लॉक में नेताजी सुभाष चंद बोस बीपीओ की शुरुआत की जाएगी।
  • -आईआईटी की तर्ज पर 5 संस्थान बनाए जाएंगे।
  • -सभी नौकरियों के लिए कॉमन सिस्टम होगा।
  • -2 हजार का खेल कोष बनेगा, हर साल खेलो बांग्ला महाकुंभ किया जाएगा।
  • -जिन्होंने करप्शन किया, उन्हें कानून के सामने खड़ा करेंगे।
  • -सामुदायिक और राजनीतिक हिंसा, बालू माफिया, गो तस्करी के खिलाफ एक तंत्र बनाया जाएगा।
  • -राजनीतिक हिंसा से पीड़ित हर परिवार को 25 लाख का मुआवजहा, एसआईटी मामलों की जांच करेगी।
  • -सोनार बांग्ला सिर्फ घोषणा नहीं, संकल्प है शाह ने कहा, भाजपा ने हमेशा घोषणा पत्र को महत्वपूर्ण स्थान दिया है। कई सालों से संकल्प पत्र महज एक प्रक्रिया बनकर रह गया था। भाजपा की सरकारें बनने के बाद संकल्प पत्र पर सरकारें चलने लगी हैं। हमने पूरी प्रक्रिया को गंभीरता प्रदान की है। इसलिए घोषणा पत्र की जगह संकल्प पत्र कहना शुरू किया। हम कैसे सोनार बांग्ला बनाएंगे, यह सिर्फ घोषणा नहीं है, संकल्प है। घोषणा पत्र जारी करते हुए शाह ने कहा, आज के प्रगतिशील भारत की नींव कल के बंगाल में रखी गई। यहीं वंदे मातरम मिला, यहीं जन गण मन मिला। यहीं से सशस्त्र क्रांति की शुरुआत हुई। स्वामी विवेकानंद जैसे महान व्यक्तियों ने चेतना का रास्ता प्रशस्त किया। जब देश कुरीति में जकड़ा था, तब बंगाल के सपूतों ने समाज सुधार की शुरुआत की। आजादी की लड़ाई का नेतृत्व भी बंगाल ने किया। अमित शाह ने कहा, सुभाषचंद्र बोस, खुदीराम बोस जैसे महान नायकों ने आजादी के आंदोलन को आकार दिया। मगर आज 73 साल बाद बंगाल काफी पिछड़ गया है। इसका कारण 30 साल का प्रशासन है। लेफ्ट और ममता जी का शासन इसकी वजह है। महिलाओं के लिए यह सबसे असुरक्षित प्रदेश बन गया है। विवेकानंद की भूमि पर युवा निराश हैं। टीएमसी के कुशासन ने काले अध्याय की शुरुआत की है। बंगाल के परंपरागत उत्सवों को भी वोट की राजनीति की नजर से देखा गया। ममता जी ने पूरे एडमिनिस्ट्रेशन का राजनीतिकरण कर दिया, राजनीति का अपराधीकरण कर दिया। त्योहार मनाने के लिए कोर्ट से गुहार लगानी पड़ती है। राजनीतिक हिंसा चरम तक पहुंच गई है। 130 से ज्यादा पार्टी के कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। 1967 से यहां ऐसी सरकारें रहीं, जो केंद्र सरकार से लड़ती रहीं। हमारे फेडरल स्ट्रक्चर में अंधविरोध नहीं है। भारत का विकास इसकी संकल्पना है। भाजपा ने घोषणापत्र जारी करने से पहले राज्य में बड़ा अभियान चलाया था। लोगों से राज्य में बदलाव को लेकर राय मांगी थी। इस अभियान की शुरुआत खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने की थी। भाजपा के संकल्प पत्र में कुछ मुद्दों पर पार्टी का फोकस रह सकता है। नौकरी, राज्य में नीति आयोग की स्थापना, लव जिहाद जैसे कानून पार्टी अपने मेनिफेस्टों में रख सकती है। इसके अलावा शारदा घोटाले, रोज वैली चिट फंट घोटालों की जांच में तेजी लाने के मुद्दे भी घोषणापत्र में रख सकती है। पुलिसकर्मियों के परिवार वालों को राहत पैकेज भी जारी करने का ऐलान कर सकती है। किसानों को लेकर भी ठश्रच् बड़ा ऐलान कर सकती है।

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