बुज़ुर्गों ने रचा इतिहास , अपनी मेहनत से बनाया हरियाली भरा पार्क

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March 7, 2026

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बुज़ुर्गों ने रचा इतिहास , अपनी मेहनत से बनाया हरियाली भरा पार्क

नजफगढ़/हैबतपुर/उमा सक्सेना/-     दिल्ली के नजफगढ़ और आसपास के इलाकों में एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली है, जहां बुज़ुर्गों ने अपनी लगन और मेहनत से सूखी ज़मीन को हरियाली से भर दिया। समाज के इन वरिष्ठ नागरिकों ने बिना किसी सरकारी मदद के, इलाके के बीचोंबीच एक सुंदर पार्क तैयार कर दिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क की ज़मीन DDA के तहत आती है, और वहां के कुछ अधिकारियों ने शुरुआती मदद की। मगर जब इलाके के लोगों ने पार्क के रखरखाव और साफ-सफाई के लिए नेताओं से संपर्क किया, तो किसी ने भी आगे बढ़कर सहयोग नहीं किया। लोगों का कहना है कि उन्होंने बार-बार विधायक, सांसद और पार्षद के कार्यालयों के चक्कर लगाए, लेकिन हर बार सिर्फ़ आश्वासन ही मिला।

पार्क के कुछ हिस्से पर अतिक्रमण, शिकायत पर भी नहीं हुई कार्रवाई
लोगों ने बताया कि अब पार्क का कुछ हिस्सा स्थानीय लोगों द्वारा कब्ज़ा कर लिया गया है। इसके खिलाफ शिकायत लेकर जब वे DDA और संबंधित जनप्रतिनिधियों के पास पहुंचे, तो वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई। नतीजा यह हुआ कि जो पार्क समाज के लिए हरियाली की मिसाल बन सकता था, अब अतिक्रमण की चपेट में आने लगा है।

समाज के लिए बड़ा योगदान
यह सिर्फ़ एक पार्क नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने की मिसाल है। बुज़ुर्गों ने न सिर्फ़ पेड़ लगाए, बल्कि सफाई का पूरा जिम्मा भी खुद संभाला। उन्होंने इस पार्क को हरा-भरा बनाने के लिए नियमित पानी देना, पौधों की देखरेख और आसपास की सफाई जैसे काम भी खुद ही किए।

नजफगढ़ के हैबतपुर में भी चमकी हरियाली की मिसाल
इससे पहले नजफगढ़ के गोपाल नगर में भी बुज़ुर्गों ने इसी तरह अपनी हिम्मत और मेहनत से एक खूबसूरत पार्क तैयार किया था। अब हैबतपुर में भी वरिष्ठ नागरिकों ने मिलकर इतना सुंदर पार्क बनाया है, जो हर किसी के लिए प्रेरणा बन गया है।

लोगों से अपील – इस पहल को बढ़ाएं आगे
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की पहलें समाज में नई ऊर्जा और उम्मीद भरती हैं। इन बुज़ुर्गों ने दिखा दिया कि उम्र नहीं, इरादा बड़ा होना चाहिए।
आपको इनकी यह पहल कैसी लगी?
अपनी राय कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं।

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