-कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स मार्टियरस वेलफेयर एसोसिएशन ने की जांच की मांग
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- महाभारत के महाबली भीम का ऐतिहासिक किरदार निभाने वाले प्रवीण कुमार की मौत के बाद अंतिम संस्कार के समय सलामी सम्मान गारद नही मिलने को लेकर कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स मार्टियरस वेलफेयर एसोसिएशन ने सवाल खड़ा करते हुए पूछा है कि आखिर ऐसे कौन से कारण थे जो अर्जुन अवार्डी व बीएसएफ के पूर्व डिप्टी कमांडेंट महाबली प्रवीण कुमार को बीएसएफ का गार्ड ऑफ ऑनर का सम्मान नही दिया गया। जबकि पूर्व डीजीपी राकेश कुमार अस्थाना ने एक एसओपी जारी कर निर्देश दिये थे कि सभी पूर्व बीएसएफ जवानों व अधिकारियों को अंतिम सम्मान गारद दिया जायेगा। साथ ही उनके अंतिम संस्कार के 8 हजार रूपये भी दिये जायेंगे तो इसके बाद भी बीएसएफ कैसे सोती रह गई और क्यों एक अधिकारी को उनका सम्म्मान नही मिला जिसके वो बीएसएफ जांबाज वास्तविक हकदार थे। एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने सरकार से इस संबंध में जांच कराने व दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है।
कॉनफेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स मार्टियरस वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि महाबली भीम यानी प्रवीण कुमार जोकि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे, कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता रहे, अर्जुन अवॉर्ड से नवाजे गए, भीम का डिस्कस थ्रो व हैमर थ्रो में उनका कोई सानी नहीं था। एशिया व कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर भारत की झोली में पदकों की भरमार की थी, इस महानायक ने और महाभारत में भीम का ऐतिहासिक किरदार निभाने के लिए घर-घर में अपनी छाप छोड़ गए, ऐसे थे हमारे भीम भन्डारी। 6 साल पहले अर्ध सैनिक बलों की जायज मांगों के समर्थन में जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन में भागीदारी निभाई क्योंकि वो दर्दीले भावुक इंसान थे। भारत की पहली रक्षा पंक्ति बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट पद से रिटायर हुए भीम को ये टीस कहें या हूक बराबर सताती रही कि सरहदी चौकीदारों को वन रैंक वन पेंशन व अन्य जरूरी सुविधाओं से आखिर क्यों वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने इस के लिए साफतौर पर व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया।
डिप्टी कमांडेंट प्रवीण कुमार एक स्पष्टवादी इंसान थे जिनकी रग रग में पंजाबियत रची बसी थी। जांबाज भीम बीएसएफ जवानों के साथ सरहदों की चौकीदारी करने वाले वास्तविक कमांडर थे जो कि जवानों के साथ कम्पनी व बटालियन लेवल तक कंधे से कंधा मिलाकर अग्रणी मोर्चों में तैनात रहकर उत्कृष्ट सेवा की। चाहे खेल का मैदान हो या सरहदों की चौकीदारी हो या फिर ऐतिहासिक सिरियल महाभारत में सर्वोत्तम किरदार निभाने वाले भीम ने अपनी एक अलग ही छाप छोड़ी थी। उन्होंने कई फिल्मों व सिरियल में भी काम किया। उनके साथ कुछ पल बिताने के बाद हर शख्स को एक सौंधी सी पंजाबियत महक का आभास होता था।
रणबीर सिंह के अनुसार पिछले साल 15 मार्च 2021 को डायरेक्टर जनरल बीएसएफ अस्थाना की तरफ से भारत की पहली रक्षा पंक्ति बीएसएफ जवानों एवं आफिसर्स के लिए एसओपी जारी किया गया था जिसमें अगर किसी रिटायर्ड बीएसएफ जवान की मृत्यु हो जाती है तो उसकी देश सेवा एवं सरहदों की चाक चौबंद चौकीदारी के एवज में मरोणापरांत सम्मान गारद से विदाई की जाएगी साथ ही अंतिम संस्कार वास्ते 8000 रू संस्कार राशी भी परिवार के सदस्यों को दी जाएगी लेकिन भीम भन्डारी के अंतिम क्षणों में सलामी नसीब नहीं हो पाई। जबकि बीएसएफ डीजी ने भीम की आक्समिक मौत के बारे में ट्विटर पर दिल को छू लेने वाला ट्विट किया था।
दिल्ली बीएसएफ महानिदेशालय में सैकड़ों उच्च पदों पर आसीन आफीसर्स की भरमार है किन्तु किन अफसरान ने अपनी ड्यूटी नहीं निभाई जोकि जांच का विषय है। क्यों चूक हुई अंतिम सलामी सम्मान गारद देने में ? ज्ञातव्य रहे कि कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स मार्टियरस वेलफेयर एसोसिएशन जो कि 14 फरवरी को बापू समाधि राजघाट पर पुलवामा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित करने जा रहे हैं और इस शोक की घड़ी में भगवान से प्रार्थना है कि महाबली भीम को अपने श्री चरणों में जगह दें।


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