नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में आयोजित ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ’ समिट को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “हमारी साझा चिंताओं और महत्वाकांक्षाओं को सामने रखा गया है। आपके विचारों से स्पष्ट है कि ग्लोबल साउथ एकजुट है। आज की चर्चा से आपसी सामंजस्य के साथ आगे बढ़ने का रास्ता तैयार हुआ है, जो हमारे साझा लक्ष्यों को प्राप्त करने की गति को बढ़ाएगा।”
भारत ने पेश की ‘वैश्विक विकास संधि’ की योजना
पीएम मोदी ने समिट में भारत की ओर से एक व्यापक ‘वैश्विक विकास संधि’ (Global Development Compact) का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यह संधि भारत की विकास यात्रा और साझेदारी के अनुभवों पर आधारित होगी और ग्लोबल साउथ के देशों द्वारा स्वयं निर्धारित विकास प्राथमिकताओं से प्रेरित होगी।
यूएन समिट को महत्वपूर्ण मानते हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी उल्लेख किया कि अगले महीने यूएन में होने वाला ‘Summit of the Future’ इस दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि ग्लोबल साउथ की प्रगति के लिए भारत अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा और अनुभव साझा करता रहेगा। मोदी ने बताया कि उनका विकास संधि सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें व्यापार, क्षमता निर्माण, प्रौद्योगिकी साझा करना और लक्षित रियायती वित्त व अनुदान प्रदान करने जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।


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