नई दिल्ली/- पुर्व अर्धसैनिकों के 4 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा अपने भलाई संबंधित मुद्दों को लेकर बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी महानिदेशालय में दस्तक दी गई। इस मौके पर महासचिव रणबीर सिंह ने कहा कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के महानिदेशालय में पदस्थ उच्च अधिकारियों के साथ चर्चा कर जरुरी सुविधाओं वास्ते गृह मंत्रालय के सम्मुख जायज मांगों को रखने की आवश्यकता जताई। अर्ध सेना झंडा दिवस कोष, सरदार पटेल के नाम पर अर्धसैनिक स्कूल या राज्यों में अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड की स्थापना या फिर जवानों के पुरानी पैंशन बहाली का मुद्दा। प्रतिनिधिमंडल ने आशा व्यक्त की कि फोर्सेस डीजी उपरोक्त मुद्दों पर माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी से मुलाकात कर सामुहिक रूप से मेमोरेंडम सबमिट करेंगे।
जयेंद्र सिंह राणा अध्यक्ष द्वारा सीपीसी कैंटीन पर जीएसटी छूट का मुद्दा उठाया जो कि जीएसटी टैक्स के चलते बाजार भाव पर आ गई। ऐसी क्या मजबुरियां रही कि सेना सीएसडी कैंटीन में 50 फीसदी जीएसटी छूट और सीपीसी कैंटीन पर वोकल पे लोकल। आए दिन आत्महत्याओं व आपसी शुट आउट व शहीद होते जवानों के लिए सरकार श्वेत पत्र जारी करने की मांग की गई।

रिटायर्ड डिप्टी कमांडेंट सुभाष चंद ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने पिछले 8 सालों में अर्धसैनिक बलों के कल्याण हेतु कुछ नहीं किया हां शहादत में अवश्य बढ़ोतरी हुई है। 100 दिनों की छुट्टी वाला फार्मूला हो या आयुष्मान कार्ड सब फेल हो गया है। वेलफेयर के नाम पर लगता है कि सरकार को कोई लेना देना नहीं है । अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों का कोई सानी नहीं है ओर भांड़ मिडिया व आम पब्लिक द्वारा सेना की रट लगाए हैं बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी के जवानों द्वारा अमरनाथ यात्रियों की चाक चौबंद चौंकिदारीं की जा रही है। पैरामिलिट्री पोशाक खाकी से कॉम्बैट करना हमारे लिए घातक सिद्ध हुआ व पहचान खत्म कर दी गई आम पब्लिक हमे सेना समझती है जबकि ये पैरामिलिट्री फोर्स के ज़वान है जो पवित्र यात्रा को सफल बनाने में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं।
वीएस कदम कोषाध्यक्ष के अनुसार 12 सितंबर कॉन्स्टीट्यूशन क्लब रफी मार्ग नई दिल्ली में ऑल इंडिया पैरामिलिट्री राउंड टेबल कांफ्रेंस आयोजित की गई है जिसमें पुर्व एडीजी एचआर सिंह के नेतृत्व में एक झंडे के नीचे आने की कवायद शुरू कर शांतिपूर्ण आंदोलन की आगामी रणनीति पर विचार किया जाएगा। 2024 के आने वाले आम चुनावों में 33 लाख पैरामिलिट्री फोर्स के परिवार एक निर्णायक भूमिका में होंगे, सरकार भूल रहीं हैं कि हमारी उपस्थिति बूथ लेवल तक है जो कि हवा का रुख बदल सकती है।


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