नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- इटावा के सैफई में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने संसद के उद्घाटन के सवाल पर कहा कि संसदीय लोकतंत्र में असली अधिकार प्रधानमंत्री का ही होता है अगर इस पर कोई सवाल उठाता है तो मैं कुछ भी नहीं कहना चाहता हूं। हालांकि इससे पहले विपक्ष के कई नेता नवनिर्मित संसद के उद्घाटन को लेकर बीजेपी के घेर रहे हैं, लेकिन सपा नेता रामगोपाल यादव के इस बयान से यूपी की राजनीति में सियासी हलचल तेज हो गई है।

इसके साथ ही सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने दो हजार के नोट वापसी के सवाल पर कहा कि जब हम लोग पहले इतिहास पढ़ते थे तो दिल्ली से दौलताबाद और मोहम्मद तुगलक के बारे में कहा जाता था। राजधानी दिल्ली से दौलताबाद बनाई जहां पर पानी पीने को नहीं मिला वहां से वापस आ गए यही लोग हैं। सपा नेता ने कहा कि यहां के शासक और शासकों के लिए क्या धारणा है। 15 सौ करोड़ रुपये नोटो की छपाई में लगे थे अब यह दुबारा से छपेंगे हजारों करोड़ों रुपये बर्बाद कर रहे हैं इनके समझ में नहीं आ रहा है क्या करना चाहिए। इन लोगों ने ऐसा इसलिए किया है कि यह लोग कर्नाटक बुरी तरह से हार गए हैं। लोगों का ध्यान हटाने के लिए नया पेच डाल दिया है देश को बर्बाद करने के लिए यह ऐसा कर रहे हैं।
वहीं लखनऊ में हाउस और वाटर टैक्स बढ़ाने के सवाल पर रामगोपाल यादव ने कहा कि ऐसी कोई चीज है जिस पर टैक्स ना बढ़ रहा हो। उत्तर प्रदेश में लोगों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है और चीजें तो सेकेंडरी हैं
राहुल गांधी ने भी किया विरोध
बता दें कि 28 मई को नवनिर्मित संसद का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होना है और इसे लेकर कई विपक्षी दल बीजेपी पर हमलावर हैं। नए संसद भवन का उद्घाटन पीएम मोदी के हाथों द्वारा होने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे गलत बताया। कांग्रेस नेता ने कहा कि नए संसद का उद्घाटन पीएम को नहीं बल्कि राष्ट्रपति को करना चाहिए।


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