नई दिल्ली/- पालम विधानसभा क्षेत्र की बदहाल स्थिति एक बार फिर सुर्खियों में है। बरसात हो या सूखा—इस क्षेत्र की गलियों और कॉलोनियों में जलभराव और सीवर की समस्याएं आम बात बन चुकी हैं। स्थानीय निवासी वर्षों से नारकीय परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं, परंतु अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर फोरम के चेयरमैन एवं समाजसेवी रणबीर सिंह सोलंकी ने कहा कि पालम विधानसभा की वर्तमान स्थिति भ्रष्टाचार और जनप्रतिनिधियों के स्वार्थ का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कोई भी स्थायी समाधान नहीं किया गया है—प्रशासनिक उदासीनता और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति के चलते जनता की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
सोलंकी ने कहा कि मधु विहार के सी-ब्लॉक स्थित सरकारी विद्यालय के आसपास सीवर जाम की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिससे घरों में गंदा पानी भर जाता है। इसी तरह, अमर शहीद जयप्रकाश गौड़ बस स्टैंड से लेकर जाट चौपाल तक और शहीद रामफल चौक से ब्रह्मा अपार्टमेंट तक सड़कों पर सीवर का गंदा पानी बहता रहता है। डीडीए और नगर निगम के अधिकारी इसे लेकर पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि सांसद द्वारा प्रस्तावित सड़क का निर्माण कार्य अब तक अधूरा पड़ा है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सोलंकी ने मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से अपील की है कि पालम विधानसभा क्षेत्र की स्थिति की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।


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