श्रीनगर/उमा सक्सेना/- जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के गुडर वन क्षेत्र में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच 12 घंटे से अधिक चली मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया गया। मारे गए आतंकियों में एक शोपियां जिले के दरमडोरा का रहने वाला आमिर अहमद डार था, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था। आमिर का नाम उन 14 स्थानीय आतंकियों की सूची में शामिल था, जिन्हें पहलगाम हमले के बाद खुफिया एजेंसियों ने चिन्हित किया था। अधिकारियों ने बताया कि आमिर ‘सी कैटेगरी’ का आतंकी था और वह सितंबर 2023 से आतंकवादी गतिविधियों में सक्रिय था।

पाकिस्तानी आतंकी भी ढेर
मुठभेड़ में मारा गया दूसरा आतंकी रहमान भाई पाकिस्तानी मूल का था। वह लंबे समय से पीर पंजाल क्षेत्र में सक्रिय था और सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की कई साजिशों में शामिल रहा। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई से घाटी में आतंकी संगठनों को बड़ा झटका लगा है।
आठ आतंकी अब तक मारे गए
पहलगाम हमले के बाद तैयार की गई सूची में 14 स्थानीय आतंकियों के नाम थे। इनमें से अब तक आठ को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। हाल ही में 2 अगस्त को कुलगाम के अखल वन इलाके में हुई मुठभेड़ में पुलवामा के रहने वाले लश्कर आतंकी हारिस नजीर को भी ढेर किया गया था। इससे पहले मई में शोपियां और त्राल में हुई मुठभेड़ों में छह अन्य आतंकियों का सफाया किया गया था।
सुरक्षाबलों के रडार पर अब छह आतंकी
सूची में शामिल आठ आतंकियों के मारे जाने के बाद अब छह आतंकी सक्रिय बचे हैं। इनमें तीन हिजबुल मुजाहिदीन और तीन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं। इनकी पहचान हिजबुल के ए+ कैटेगरी कमांडर जुबैर अहमद वानी उर्फ अबू उबैदा, हिजबुल आतंकी आसिफ अहमद खांडे, हारुन रशीद गनई, लश्कर के ए+ कैटेगरी कमांडर आदिल रहमान, सी कैटेगरी आतंकी नसीर अहमद वानी और लश्कर से जुड़े जाकिर अहमद गनी के रूप में हुई है।
शीर्ष आतंकी अब हिटलिस्ट में
जुबैर वानी हिजबुल का ऑपरेशनल कमांडर है और 2018 से सुरक्षाबलों पर हमलों की कई घटनाओं में शामिल रहा है। वहीं, सोपोर का रहने वाला आदिल रहमान 2021 में लश्कर में शामिल हुआ और फिलहाल संगठन का जिला कमांडर है। आसिफ अहमद खांडे 2015 से हिजबुल का हिस्सा है, जबकि नसीर अहमद वानी 2019 से लश्कर के लिए सक्रिय है। इसके अलावा अनंतनाग का हारून रशीद गनई और शोपियां का जाकिर अहमद गनी भी लंबे समय से आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं।
सुरक्षाबलों की रणनीति जारी
खुफिया एजेंसियों और सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई से घाटी में आतंकियों का नेटवर्क कमजोर हो रहा है। सुरक्षाबलों ने साफ संकेत दिए हैं कि बचे हुए छह आतंकी भी जल्द ही शिकंजे में होंगे।


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