पंजाबी संगीत के स्तंभ चरणजीत आहूजा नहीं रहे, 74 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 1, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

पंजाबी संगीत के स्तंभ चरणजीत आहूजा नहीं रहे, 74 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

अनीशा चौहान/- पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री से बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर संगीतकार और म्यूजिक डायरेक्टर चरणजीत आहूजा का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। वह लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। आहूजा साहब के निधन से पूरे पंजाब में शोक की लहर है, खासकर संगीत जगत में एक खालीपन सा महसूस किया जा रहा है। उन्हें केवल एक म्यूजिक डायरेक्टर ही नहीं, बल्कि एक संस्थान माना जाता था, जिन्होंने पंजाबी लोकसंगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

श्रद्धांजलियों में डूबा संगीत जगत

चरणजीत आहूजा के निधन पर पूरे संगीत जगत ने गहरा शोक व्यक्त किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर लिखा, “संगीत सम्राट उस्ताद चरणजीत आहूजा साहब का चले जाना म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए बड़ा नुकसान है… उनके बनाए गीत सदियों तक पंजाबियों के दिलों में गूंजते रहेंगे।”

वहीं, सिंगर दिलजीत दोसांझ ने उनकी तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि आहूजा साहब का योगदान पंजाबी म्यूजिक की ग्रोथ में अविस्मरणीय है। मशहूर गायक मास्टर सलीम ने भावुक होकर कहा, “हमारे गुरु आज हमें छोड़कर चले गए, संगीत की दुनिया का एक सितारा बुझ गया।”

एक युग का अंत, विरासत रहेगी अमर

चरणजीत आहूजा का नाम पंजाबी संगीत की नींव से जुड़ा हुआ है। उन्होंने गुरदास मान, अमर सिंह चमकीला, कुलदीप मानक जैसे दिग्गज गायकों के साथ काम किया और पंजाबी संगीत को एक नई पहचान दी। उनके मशहूर गानों में ‘की बनू दुनियां दा’ (1986), ‘गभरू पंजाब दा’, ‘दुश्मनी जट्टां दी’ (1993) और ‘तूफान सिंह’ (2017) जैसे सुपरहिट ट्रैक शामिल हैं।

उनकी धुनों ने न सिर्फ युवाओं बल्कि बुजुर्गों के दिलों को भी छुआ और आज भी उनके गाने हर पीढ़ी की जुबां पर गूंजते हैं। चरणजीत आहूजा का जाना संगीत जगत के लिए एक युग का अंत है, लेकिन उनकी रचनाओं की गूंज आने वाली पीढ़ियों तक अमर रहेगी।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox