नई दिल्ली/नजफगढ़/उमा सक्सेना/- दिल्ली की जल निकासी प्रणाली को सुदृढ़ करने और यमुना नदी को स्वच्छ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल की गई है। नजफगढ़ ड्रेन में अत्याधुनिक तकनीक से युक्त ‘वॉटर मास्टर’ मशीन को जलावतरण के साथ कार्य में लगाया गया है, जिससे ड्रेजिंग कार्य की औपचारिक शुरुआत हो गई है। यह कदम राजधानी में जलभराव और प्रदूषण की समस्या से निपटने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।

फिनलैंड की उन्नत तकनीक से होगी दशकों पुरानी सिल्ट की सफाई
फिनलैंड से आयात की गई यह आधुनिक ‘वॉटर मास्टर’ मशीन नजफगढ़ ड्रेन—जिसे ऐतिहासिक रूप से साइबी नदी के नाम से जाना जाता था—में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। यह मशीन पिछले 30 से 40 वर्षों से जमी सिल्ट को काटकर अत्याधुनिक सक्शन तकनीक के माध्यम से बाहर निकालती है। इसकी विशेषता यह है कि सफाई के दौरान पानी तुरंत ड्रेन में वापस चला जाता है, जबकि गाद को अलग स्थान पर एकत्र किया जाता है, जिससे पर्यावरण को न्यूनतम नुकसान होता है। पूर्व में प्रयुक्त मशीनों की तुलना में यह तकनीक कहीं अधिक तेज, प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल है।

बाढ़ नियंत्रण और प्रदूषण रोकथाम में अहम भूमिका
करीब 6 मीटर गहरे पानी में खड़े होकर और लगभग 18 फुट की गहराई तक कार्य करने में सक्षम यह मल्टीपर्पस एम्फीबियन मशीन न केवल ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाएगी, बल्कि बाढ़ नियंत्रण और प्रदूषण रोकने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। सरकार का मानना है कि इसके इस्तेमाल से नजफगढ़ ड्रेन की सफाई प्रक्रिया में तेजी आएगी और बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

यमुना को निर्मल बनाने की दिशा में सरकार का संकल्प
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार यमुना नदी और उसके सहायक नालों की सफाई के लिए विश्वस्तरीय तकनीक अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल केवल एक मशीन के संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यमुना को स्वच्छ, निर्मल और पुनर्जीवित करने के व्यापक संकल्प की एक सशक्त शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।


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