मानसी शर्मा / – राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली-NCRमें भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप के ये झटके काफी देर तक महसूस किये गये। भूकंप आते ही लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आये। फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
आपको बता दें कि,भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के फैजाबाद में था और हिंदूकुश क्षेत्र में रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.2 थी। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के पीर पंचाल इलाके के दक्षिण में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
पाकिस्तान में भी भूकंप के तेज झटके
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के पीर पंचाल इलाके के दक्षिण में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप के ये झटके सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी महसूस किए गए। यहां से कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर भागते नजर आ रहे हैं।
क्यों आते हैं भूकंप?
दरअसल, धरती की मोटी परत जिसे क्टोसनिक प्लेट्स कहा जाता है, वह अपनी जगह से खिसकती रहती है। ये प्लेधट्स अमूमन हर साल करीब 4-5 मिमी तक अपने स्थान से खिसक जाती हैं। ये क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर , दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इस क्रम में कभी कोई प्लेट दूसरी प्लेट के निकट जाती है तो कोई दूर हो जाती है। इस दौरान कभी-कभी ये प्लेट्स एक-दूसरे से टकरा जाती हैं। ऐसे में ही भूकंप आता है और धरती हिल जाती है। ये प्लेटें सतह से करीब 30-50 किमी तक नीचे हैं।
कैसे करें बचाव?
अगर अचानक भूकंप आ जाए तो घर से बाहर खुले में निकल जाएं। यदि आप घर में फंस गए हों तो बेड या मजबूत टेबल के नीचे छिप जाएं। घर के कोनों में खड़े होकर भी खुद को बचा सकते हैं। भूकंप आने पर लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें। खुले स्थान में जाएं, पेड़ व बिजली की लाइनों से दूर रहें। इसके अलावे भूकंप रोधी मकान भी उतने ही जरूरी होते हैं। यह हालांकि बहुत महंगा नहीं होता, पर इसे लेकर लोगों में जागरूकता की कमी के कारण अक्स र लोग इसकी अनदेखी कर बैठते हैं।


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