
नई दिल्ली/भावना शर्मा/ – दिल्ली सरकार शहर में सिविल कर्मचारियों द्वारा आदेश का पालन नही करने को लेकर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सरकार का कहना है कि शहर में सिविल कर्मचारी सरकार के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं।
दिल्ली सरकार ने संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित केंद्र सरकार के एनसीटीडी (संशोधन) अधिनियम, 2023 की वैधता को चुनौती देने वाली अपनी याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए अदालत से आग्रह किया है। इसपर शीर्ष अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार को मामले की रिपोर्ट तैयार करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है।
सनातन धर्म पर दी गई टिप्पणी को लेकर याचिका
दिल्ली के एक वकील ने सनातन धर्म पर दी गई टिप्पणियों को लेकर केस दर्ज करने के लिए एक याचिका दी थी, जिसपर शीर्ष अदालत सुनवाई के लिए तैयार हो गई है। उसने याचिका को स्वीकार कर लिया है।
दरअसल, वकील ने सनातन धर्म पर टिप्पणी देने के लिए तमिलनाडु के मंत्री व डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन और सांसद ए राजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग के लिए एक याचिका दी थी।





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