दिल्ली में सालों से चल रहे 8 फर्जी विश्वविद्यालय, दिल्ली सरकार मौन

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January 21, 2026

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दिल्ली में सालों से चल रहे 8 फर्जी विश्वविद्यालय, दिल्ली सरकार मौन

-यूजीसी हर साल जारी करती है फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची, पर नहीं होती कोई कार्रवाई

नई दिल्ली/- दिल्ली में वर्षों से 8 फर्जी विश्वविद्यालय चल रहे हैं। हर बार यूजीसी अपनी रिपोर्ट में देश भर के फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी करता है। जिनमें दिल्ली के ये 8 फर्जी विश्वविद्यालय भी शामिल है। लेकिन आज तक इन फर्जी विश्वविद्यालयों पर कोई कार्रवाई नही की गई है। हालांकि इन पर कार्रवाई करने का अधिकार सिर्फ राज्य सरकारों के पास होता है। यूजीसी तो सिर्फ एक हजार रूपये का ही जुर्माना कर सकती है। इन फर्जी विश्वविद्यालयों के संचालन पर दिल्ली सरकार भी मौन धारण किये हुए है।  

 विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी द्वारा 25 अगस्त को जारी की गई देश भर में संचारित फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची में आठ विश्वविद्यालय दिल्ली में संचालित है। यूजीसी लोगों को आगाह करने के लिए हर साल इन फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी करता है लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। यह विश्वविद्यालय धड़ल्ले से चलते रहते हैं। शिक्षा विश्लेषकों का कहना है कि इन पर आपराधिक रूप में कार्रवाई करने का अधिकार किसी को नहीं है। यूजीसी इन पर सिर्फ 1000 का जुर्माना कर सकता है। यूजीसी का मुख्य कार्य संबंधित राज्यों को यह बताने का है कि उनके यहां कितने फर्जी विश्वविद्यालय हैं। इन पर कार्रवाई का अधिकार राज्य सरकारों को ही है। साथ ही यूजीसी का कार्य लोगों को इन फर्जी विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने से बचने के प्रति आगाह करना भी है। इसलिए यूजीसी प्रति वर्ष दाखिले के सीजन में फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी कर और इनके बारे में राज्य सरकारों को सूचित कर यूजीसी अपना काम कर देता है ताकि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ ना हो।
            इस संबंध में यूजीसी के पूर्व सदस्य प्रोफेसर इंद्रमोहन कपाही ने बताया कि यूजीसी को फर्जी विश्वविद्यालयों पर अधिकतम 1000 जुर्माना करने का अधिकार है। इस तरह के जुर्माने से लाखों रुपए कमाने वाले इन फर्जी विश्वविद्यालय पर कोई असर नहीं होता है। राज्य सरकार को इन पर सख्त कार्रवाई करके बंद करवाना चाहिए ताकि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ ना हो सके।
               वहीं यूजीसी की सदस्य प्रोफेसर सुषमा यादव का कहना है कि यूजीसी के पास सख्त कार्रवाई करने की शक्ति नहीं है। कार्रवाई का अधिकार राज्य सरकारों को है। राज्य सरकार ही इन पर सीआरपीसी के तहत अभियोग पंजीकृत करा सकती है। यूजीसी राज्य सरकारों और लोगों को अधिसूचना जारी कर इन फर्जी विश्वविद्यालयों के बारे में जागरूक करता है।

यह है दिल्ली के फर्जी विश्वविद्यालय-
1 ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एंड फिजिकल हेल्थ साइंस एआईआईपीपीएचएस स्टेट गवर्नमेंट यूनिवर्सिटी संत कृपाल सिंह पब्लिक ट्रस्ट बिल्डिंग अलीपुर, दिल्ली
2 कामर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड दरियागंज दिल्ली
3 यूनाइटेड नेशन यूनिवर्सिटी दिल्ली
4 वोकेशनल यूनिवर्सिटी दिल्ली
5 एडीआर सेंट्रिक जुरीरिसिल यूनिवर्सिटी, एडीआर हाउस गोपाला टावर, राजेंद्र प्लेस, नई दिल्ली
6 इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग नई दिल्ली
7 विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फार सेल्फ एम्पलायमैंट इंडिया, रोजगार सेवा सदन, संजय एंक्लेव, नई दिल्ली
8 आध्यात्मिक विश्वविद्यालय फेस-1, ब्लॉक ए, विजय विहार, रिठाला, रोहिणी, दिल्ली।

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