दिल्ली में आप नेता के घर ईडी की छापेमारी,

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 8, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली में आप नेता के घर ईडी की छापेमारी,

-अस्पताल निर्माण मामले में पड़ी रेड

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज के घर पर छापेमारी की गई है। यह छापेमारी अस्पताल निर्माण से जुड़े एक मामले में की गई है। ईडी की टीम छापेमारी करने के पहुंची है। बताया जा रहा है कि कुल 13 जगहों पर ईडी छापेमारी कर रही है।

ईडी दिल्ली की पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान अस्पताल निर्माण परियोजनाओं में अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले की जांच कर रही है। 26 अगस्त को ईडी ने पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज के आवास सहित 13 स्थानों की तलाशी ली। अभी तक इस मामले को लेकर ईडी ने अधिक जानकारी नहीं दी है।
             बता दें कि सौरभ भारद्वाज ग्रेटर कैलाश से तीन बार विधायक रह चुके हैं और दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य, शहरी विकास और जल मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसके साथ ही वह आम आदमी पार्टी के सबसे प्रमुख प्रवक्ताओं में से एक हैं।

ईडी ने क्यों शुरू की जांच?
बता दें कि साल 2024 में बीजेपी नेता और विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने एक शिकायत करके भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि 2018-19 के दौरान 5,590 करोड़ रुपये की लागत से 24 अस्पताल परियोजनाओं की मंजूरी दी गई और इस दौरान भ्रष्टाचार किया गया। इन परियोजनाओं में 11 नए अस्पताल और 13 अस्पतालों को अपग्रेड किया जाना था।
           आरोप है कि इस दौरान लागत बढ़ा दी गई, परियोजना देरी से शुरू हुई। इस दौरान भ्रष्टाचार किया गया। करीब सौ करोड़ रुपये गबन की जांच ईडी की टीम कर रही है। योजनाओं में 1125 करोड़ रुपये की लागत का एक आईसीयू अस्पताल 6800 बिस्तरों की क्षमता वाला बनाया जाना था, लेकिन बड़े पैमाने पर खर्च के बाद भी अस्पताल का निर्माण आधा ही हो पाया।
            वहीं आप राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि सौरभ भारद्वाज के खिलाफ दर्ज मामला झूठा और निराधार है। जिस समय ईडी ने मामला दर्ज किया था, उस समय वो मंत्री भी नहीं थे। आप नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करके उन्हें जेल में डालना मोदी सरकार की नीति बन गई है। प्रधानमंत्री मोदी की फर्जी डिग्री पर देश में चर्चा न हो इसलिए ईडी ने छापे मारे हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox