
नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- द्वारका जिले में संगठित अपराध पर नकेल कसते हुए द्वारका जिला पुलिस की घोषित अपराधी एवं जेल बेल प्रकोष्ठ (पीओ एवं जेल बेल सेल) टीम ने दो कुख्यात झपटमारों को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस का दावा है कि इनकी गिरफ्तारी से क्षेत्र में सक्रिय संगठित झपटमारी गिरोहों की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी।
विशेष अभियान के तहत गठित की गई टीम
पुलिस उपायुक्त, द्वारका जिले के निर्देश पर संगठित अपराध की रोकथाम के लिए पीओ एवं जेल बेल सेल को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई थी। निरीक्षक हरीश कुमार के नेतृत्व में उपनिरीक्षक बलजीत, मुख्य आरक्षी प्रदीप, कुलवंत, महेश कुमार, महेश डागर, अजीत यादव तथा आरक्षी अंकुर और जयदीप सहित एक अनुभवी टीम का गठन किया गया। इस पूरी कार्रवाई की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त (ऑपरेशंस) स्तर से की जा रही थी।
टीम को निर्देश दिए गए थे कि झपटमारी और चोरी की हर घटना स्थल का दौरा कर सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाए, तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मैनुअल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर आरोपियों तक पहुंचा जाए।
गुप्त सूचना पर दबिश, ककरोला क्षेत्र से गिरफ्तारी
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दो सक्रिय झपटमार द्वारका क्षेत्र में घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर टीम ने ककरोला गंदा नाला रोड के पास छापा मारकर दोनों संदिग्धों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू (27 वर्ष) और शुभम उर्फ फोटी (28 वर्ष) के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक छीना हुआ मोबाइल फोन, एक चोरी की मोटरसाइकिल (जिसका उपयोग वारदात में किया जाता था) और एक एटीएम कार्ड बरामद किया गया। संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पूछताछ में कबूला जुर्म
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि आर्थिक तंगी के चलते वे गलत संगत में पड़ गए और नशे व ऐशो-आराम की पूर्ति के लिए मोबाइल झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देने लगे। छीने गए मोबाइल फोन को बेचकर वे धन अर्जित करते थे।
कई मामलों का खुलासा
इनकी गिरफ्तारी से द्वारका नॉर्थ, पश्चिम विहार पूर्व और मोहन गार्डन थानों में दर्ज कई झपटमारी और चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सोनू पहले भी नौ आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है, जबकि शुभम का आपराधिक इतिहास फिलहाल सामने नहीं आया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों के अन्य साथियों की संलिप्तता तो नहीं है और क्या ये किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हैं। अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।





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