दिल्ली के स्कूलों में नौवीं और ग्यारहवीं के फेल छात्रों की समीक्षा हो- पंचायत संघ

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March 4, 2026

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दिल्ली के स्कूलों में नौवीं और ग्यारहवीं के फेल छात्रों की समीक्षा हो- पंचायत संघ

-गत वर्षों के दिल्ली शिक्षा मॉडल की भी जांच हो- थान सिंह यादव

नई दिल्ली/- दिल्ली पंचायत संघ के प्रमुख थान सिंह यादव ने दिल्ली सरकार और शिक्षा मंत्री से अपील की है कि वे नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा में फेल हुए छात्रों की विस्तृत समीक्षा करें। पंचायत संघ का मानना है कि लगातार पास होते आ रहे बच्चों का इन कक्षाओं में अचानक असफल होना गंभीर चिंता का विषय है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

 थान सिंह यादव ने कहा कि दिल्ली देहात, गांवों और गरीब तबके के छात्रों के अभिभावक अपनी आजीविका के कारण अपने बच्चों की शिक्षा पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते और सरकारी स्कूलों पर ही निर्भर रहते हैं। जब तक छात्र प्राथमिक और मध्यम कक्षाओं में होते हैं, तब तक वे आसानी से पास हो जाते हैं, लेकिन नौवीं और ग्यारहवीं में अचानक असफल हो जाना यह दर्शाता है कि स्कूलों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

  दिल्ली पंचायत संघ की मांग है कि शिक्षा मंत्री इसकी जांच कराएं कि आखिर क्यों नौवीं और ग्यारहवीं में अधिक संख्या में छात्र असफल हो रहे हैं। सरकार को सभी सरकारी स्कूलों से रिपोर्ट मंगवाकर इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाने चाहिए। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे ट्यूशन नहीं पढ़ पाते और पूरी तरह से स्कूलों की शिक्षा पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में यह सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह इन छात्रों के लिए विशेष नीति बनाए।

 इसके अलावा, यह भी संज्ञान में आया है कि दसवीं और बारहवीं कक्षा का परिणाम बेहतर दिखाने के लिए नौवीं और ग्यारहवीं के छात्रों को परीक्षा परिणामों में सख्ताई होती  हैं। इससे कमजोर छात्रों को उच्च कक्षाओं में पहुंचने का अवसर नहीं मिल पाता और उनकी शिक्षा बाधित हो जाती है। सरकार को इस प्रवृत्ति की जांच कर इसके लिए जिम्मेदार स्कूल के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने यह भी कहा कि सरकार को सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों के आधार पर शिक्षा की गुणवत्ता नहीं मापनी चाहिए, बल्कि नौवीं और ग्यारहवीं में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर स्कूलों का आकलन किया जाना चाहिए ओर दिल्ली सरकार इन कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों व पढ़ाने वाले शिक्षकों ओर स्कूल इंचार्ज को लेकर समन्वय समिति गठित कर और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए।

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