जौनपुर में आशा कार्यकर्ता पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 14, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

जौनपुर में आशा कार्यकर्ता पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप

-ऑनलाइन चंगाई सभा का खुलासा

जौनपुर/उमा सक्सेना/- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा धर्म परिवर्तन कराए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। जांच में यह सामने आया है कि अब ईसाई मिशनरियों ने धर्मांतरण का तरीका बदल दिया है। अब लोगों से सरनेम बदलवाने का दबाव नहीं डाला जा रहा, ताकि वे सरकारी योजनाओं और आरक्षण के लाभ से वंचित न हों। बताया जा रहा है कि पूर्वांचल के करीब 10 जिलों में प्रलोभन और आर्थिक सहायता के नाम पर धर्मांतरण का यह नेटवर्क सक्रिय है।


धर्मांतरण के नए तरीके: ऑनलाइन चंगाई सभा का ट्रेंड
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मिशनरियों ने अब धर्म परिवर्तन कराने का तरीका आधुनिक बना लिया है। ऑनलाइन चंगाई सभाओं के ज़रिए नए अनुयायियों को जोड़ा जा रहा है। रविवार और शुक्रवार को मुंबई से ऑनलाइन सभा का संचालन होता है, जिसमें मोबाइल के माध्यम से प्रार्थनाएँ कराई जाती हैं। इन सभाओं में भाग लेने वालों को बाद में बाइबल, धार्मिक तस्वीरें और पुस्तकें दी जाती हैं।

आशा कार्यकर्ता बनी धर्म परिवर्तन की कड़ी
जौनपुर की एक आशा कार्यकर्ता (जिसका नाम और बातचीत की रिकॉर्डिंग सूत्रों के पास सुरक्षित है) ने न केवल स्वयं धर्म परिवर्तन किया है बल्कि अब दूसरों को भी इस प्रक्रिया में शामिल कर रही है। उसने बातचीत में बताया कि उसकी पहचान वही है, बस उसने एक धार्मिक लॉकेट पहन लिया है जो कपड़ों के अंदर रहता है। उसके अनुसार, “नाम या सरनेम बदलने की जरूरत नहीं है। परमेश्वर को मानो या देवी-देवता को, एक नाव पर चलना होगा।”

सरनेम न बदलने के पीछे दो बड़ी वजहें
मिशनरियों द्वारा अब धर्म परिवर्तन के बाद सरनेम न बदलवाने के दो मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। पहला — धर्मांतरण करने वाले लोग मूल समाज के बीच रहकर ही काम करते हैं, जिससे पहचान उजागर नहीं होती। दूसरा — सरकारी लाभ और आरक्षण योजनाओं का फायदा जारी रहता है। इसी वजह से सरकारी दस्तावेजों में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा, ताकि सुविधाएँ पहले की तरह मिलती रहें।

वाराणसी बना नया केंद्र, पुलिस सख्ती से बचने की कोशिश
पुलिस की बढ़ी हुई सख्ती के बाद अब कई धर्म परिवर्तन कराने वाले वाराणसी के भुल्लनपुर इलाके में सभाएँ आयोजित कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में जौनपुर से 10 से 11 लोग टेंपो से वाराणसी गए, जहां करीब 250 से 300 लोग एक चंगाई सभा में मौजूद थे। अब लोग अपने घरों में ही ऑनलाइन या निजी प्रार्थना करने लगे हैं ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके।

परिवारों में धीरे-धीरे बढ़ रहा प्रभाव
सुल्तानपुर और आसपास के जिलों में कई परिवार अब खुले तौर पर यीशु को मानने लगे हैं, हालांकि उन्होंने आधिकारिक रूप से धर्म परिवर्तन नहीं किया है। सुल्तानपुर के अच्छेलाल और उनके परिजन अब हर रविवार को घर पर प्रार्थना करते हैं। इसी तरह, सरकी गांव के रमेश ने बताया कि चंगाई सभा में जाने से उन्हें “फायदा” महसूस होता है और वे हर रविवार वहां जाते हैं।

मिशनरियों का नया टारगेट — फर्स्ट जनरेशन परिवार
पुलिस जांच के अनुसार, अब मिशनरियों का ध्यान फर्स्ट जनरेशन पर है। यानी, वे गरीब या दलित परिवारों के बच्चों और युवाओं को शिक्षा, नौकरी या विवाह में सहायता के नाम पर जोड़ते हैं। जब परिवारों की सहानुभूति प्राप्त हो जाती है, तो उन्हें धीरे-धीरे प्रार्थना सभाओं में शामिल किया जाता है। इस काम में बिचौलियों को प्रति व्यक्ति 25 से 50 हजार रुपये तक का कमीशन मिलता है।

‘धर्मांतरण का रेट तय’, पूर्व परिवर्तित व्यक्ति का खुलासा
जौनपुर के खुज्झी गांव के निवासी वीरेंद्र विश्वकर्मा, जिन्होंने करीब एक वर्ष पहले अपने मूल धर्म में वापसी की, ने बताया कि धर्म परिवर्तन के लिए शादी या इलाज के नाम पर आर्थिक प्रलोभन दिया जाता है। उन्होंने बताया कि “एक व्यक्ति का धर्मांतरण कराने पर 25 हजार रुपये तक दिए जाते हैं।” इसके लिए हर गुरुवार को खलिया, केराकत और भुल्लनडीह क्षेत्रों में सभाएँ होती हैं, जहाँ लोगों को प्रभु यीशु के नाम का पानी पिलाया जाता है।

पुलिस ने दर्ज किए केस, सख्ती जारी
जौनपुर पुलिस ने पुष्टि की है कि इस वर्ष अब तक चार धर्मांतरण के मामले दर्ज किए जा चुके हैं और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि “जहां भी धर्म परिवर्तन का मामला सामने आएगा, वहां तुरंत छापा मारकर कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी लालच या भय दिखाकर धर्म बदलवाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox