जर्मन चांसलर के भारत दौरे से चीन हुआ परेशान, होने जा रही है बहुत बड़ी डील

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

जर्मन चांसलर के भारत दौरे से चीन हुआ परेशान, होने जा रही है बहुत बड़ी डील

मानसी शर्मा /-  भारत का कद दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। इस बात को खुद विश्वभर के नेता स्वीकार कर रहे हैं। वहीं, भारत और जर्मनी के रिश्ते किसी से छिपे नहीं है। अब एक बार फिर जर्मनी के प्रतिनिधि भारत आ रहे हैं। बता दें कि जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज गुरुवार यानी 24 अक्टूबर को भारत आ रहे हैं। वहीं, शुक्रवार यानी 25 अक्टूबर को ओलाफ स्कोल्ज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।  

आपको बता दें कि भारत से द्वपक्षीय वार्ता के अलावा ओलाफ स्कोल्ज कई अन्य कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगे। ओलाफ स्कोल्ज 7वें अंतर सरकारी परामर्श में भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा वो गोवा भी जाएंगे। उसके बाद गोवा से ही जर्मनी के लिए रवाना होंगे।

जर्मन चांसलर का पूरा कार्यक्रम                

आपको बता दें कि जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज 24 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे भारत पहुंचेंगे। उसके बाद 25 अक्टूबर की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी से मुलाकात करने के बाद ताज होटल जाएंगे। वहां पर ओलाफ स्कोल्ज 18वें एशिया-प्रशांत जर्मन बिजनेस सम्मेलन का उद्धघाटन करेंगे। फिर सुबह 11.50 बजे हैदराबाद हाउस में फोटो सेशन होगा। दोपहर 12 बजे अंतर सरकारी परामर्श में हिस्सा लेंगे। दोपहर 1.15 बजे हैदाराबाद हाउस में भारत-जर्मनी के बीच कई मुद्दों पर समझौते होंगे। उसके बाद 26 अक्टूबर की सुबह जर्मन चांलसर गोवा जाएंगे। फिर शाम 5.30 बजे गोवा से ही जर्मनी के लिए रवाना होंगे।

चीन हुआ परेशान  

इधर जर्मन चांसलर के भारत दौरे से चीन परेशान हो गया है। आपको बता दें कि जर्मनी की बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत में निवेश करना चाह रही है। जिससे चीन के ऊपर निर्भरता कम हो। आने वाले दिनों में जर्मनी की और भी कई कंपनियां भारत की तरफ रुख कर सकती है। संभावना जताई जा रही है कि अगले 6 साल में जर्मनी 4.5 लाख करोड़ का निवेश भारत में करेगा। इससे साफ है कि जर्मनी अब चीन में निवेश करने के बजाए, भारत में निवेश करना चाहता है। इससे चीन परेशान हो गया है। क्योंकि चीन की अर्यव्यवस्था के लिए ये बहुत बड़ा झटका है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox