अनीशा चौहान/- देशभर में हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर मंदिरों में रौनक देखते ही बनती है और श्रद्धालु लड्डू गोपाल का विशेष शृंगार कर पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन लड्डू गोपाल की विधिवत उपासना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 15 अगस्त 2025 को देर रात 11 बजकर 49 मिनट पर होगी और इसका समापन 16 अगस्त 2025 को रात 09 बजकर 34 मिनट पर होगा। कृष्ण जन्म का विशेष पूजन 16 अगस्त की रात 12 बजकर 04 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक किया जा सकता है। इस समय भगवान श्रीकृष्ण की आराधना का विशेष महत्व माना गया है।
भगवान का शृंगार कैसे करें
जन्माष्टमी के दिन सुबह स्नान करने के बाद घर के मंदिर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद गंगाजल और पंचामृत से लड्डू गोपाल का अभिषेक करें। फिर उन्हें सुंदर वस्त्र पहनाकर चंदन का लेप लगाएं। मुरली, मुकुट, मोर पंख, करधनी, हार और फूल माला अर्पित करें। पूजा के बाद कपूर से आरती करें और भगवान को माखन-मिश्री तथा पंजीरी का भोग लगाएं। भोग में तुलसी पत्ते को अवश्य शामिल करें, क्योंकि बिना तुलसी के भोग अधूरा माना जाता है।


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