बिजवासन/नई दिल्ली/- दिल्ली देहात के नानक हेड़ी गांव में ग्रामीणों के विरोध के चलते रेजिडेंशियल स्कूल फॉर स्ट्रीट चिल्ड्रन पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। बुधवार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को नानक हेड़ी गांव में रेजिडेंशियल स्कूल फॉर स्ट्रीट चिल्ड्रन के उद्घाटन के लिए आना था लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते वह निर्धारित कार्यक्रम में नही पंहुच पाये। बताया जा रहा है कि सीएम केजरीवाल बीच रास्ते से वापिस चले गये। अब देखना यह है कि सरकार इस मामले में ग्रामीणों से बात करती है या फिर कोई और रास्ता निकालकर स्कूल का कार्य शुरू करती है। हाल ही में केजरीवाल ने झाडौदा गांव में भी सैनिक स्कूल का उद्घाटन सीमित संख्या के आधार पर ही किया था।
इस संबंध में भूख हड़ताल पर बैठे सुरेन्द्र फौजी ने बताया कि ग्रामीणों से बगैर बातचीत किये सरकार ने गांव में यह स्कूल खोलने का फैसला लिया था। लेकिन अब ग्रामीण सरकार के इस रवैये को देखते हुए विरोध में खड़े हो गये है। उनका कहना है कि उनके बच्चे कहां पढ़ने जायेगे। यह स्कूल हमारे अपने बच्चों के लिए है बाहर के बच्चों के लिए यहो कोई जगह नही है। सरकार चाहे तो इस स्कूल को कहीं ओर खोल सकती है लेकिन गांव में नही खुलने देंगे। उन्होने बताया कि वह भी ग्रामीणों के साथ सरकार की इस योजना का विरोध कर रहे है और भूख हड़ताल पर बैठे हैं। ग्रामीण वेद प्रकाश, शमशेर सिंह, देवेंद्र कुमार, आशीष कुमार, नरेश कुमार, सुनील कुमार, अजय व हरकेश सिंह का कहना है कि उनका धरना प्रदर्शन तब तक खत्म नही होगा जब तक केजरीवाल इसे कैंसिल नही कर देते।


More Stories
”यूरोप की अंतरराष्ट्रीय वुशू चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली गोल्डन गर्ल केशवी डागर का झाड़ौदा गांव में भव्य सम्मान”
रेवंत रेड्डी की अमेरिका यात्रा रद्द, केंद्र से नहीं मिली मंजूरी!
मुंबई में एयरहोस्टेस से दुष्कर्म का आरोप, किन्नर बनकर घर में घुसा आरोपी
”दिल्ली के द्वारका स्तिथ यशोभूमि में शुरू हुआ मटेशिया 2026”
तिरंगे के साथ दौड़े 80 धावक, साइकिलिस्टों ने पूरी की 80 किमी राइड
मधु विहार में हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस