“खुद से प्यार कैसे करें“ गोष्ठी पर बोली टीना कपूर- अपने अंदर खुशी का सागर ढूंढ़े

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
January 21, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

“खुद से प्यार कैसे करें“ गोष्ठी पर बोली टीना कपूर- अपने अंदर खुशी का सागर ढूंढ़े

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में “खुद से प्यार कैसे करें“ विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी के आयोजन के दौरान मांइड फुलनेस कोच टीना कपूर ने कहा कि खुश रहने के लिए अपने अंदर खुशी का सागर ढूंढ़े ताकि हम एक स्वस्थ मस्तिष्क और शरीर को खुश व शांत रख सकें। कॅरोना काल में परिषद का यह 248 वा वेबिनार था।
                       माइंड फुलनेस कोच टीना कपूर ने बहुत ही प्रेम और सरलता से योग और प्राणायाम के माध्यम से दर्शकों को समझाया। सभी दर्शकों ने उनके बताए हुए एक्सर्साइज़ और योग की क्रियाओं को बहुत अच्छे से समझा और अपनी जिंदगी में अपनाने का वायदा भी किया। कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण भाग टीना जी द्वारा कराई गई मेडिटेशन थी जिसमें उन्होंने स्वयं को और अपने व्यक्तित्व के हर पहलू को किस तरह से स्वीकारना चाहिए , यह प्रेरणा दर्शकों को दी। उन्होंने ’नाड़ी शोधन’ प्रणायाम की सही विधि बहुत ही दिलचस्प तरीके से समझाई। टीना जी ने अच्छा दिखने के लिए कुछ ’फेस योगा’ की लाभदायक क्रियाएं भी दर्शकों को करवाई। ’सेल्फ लव मेडिटेशन में उन्होंने जैसे दर्शकों को एक नई दुनिया से अवगत कराया। वह दुनिया जो हमारे अपने अंदर खुशी का सागर लिए बैठी होती है परंतु हम उस खुशी को बाहर ढूंढते रहते हैं और सारी आयु उसी प्रयास में व्यर्थ कर देते हैं। उन्होंने अपने सेल्फ लव मेडिटेशन के द्वारा अंदरुनी खुशी का सही मतलब समझाया। वह खुशी जो हम एक स्वस्थ मस्तिष्क, शरीर और आत्मा को प्यार करके, तथा उनका निरंतर ध्यान रख कर हासिल कर सकते हैं। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि खुशी व्यक्ति के अंदर निहित होती है पर बाहर ही ढूंढता रहता है।
                            मुख्य अतिथि डॉ. तेजिन्द्र सिंह ने कहा कि शांति व आनंद लेने के अलग अलग तरीके हैं। ध्यान द्वारा, भजन द्वारा, डांस द्वारा, अच्छी पुस्तकों के स्वाध्याय आदि द्वारा हम अपना जीवन बेहतर बना सकते है। अध्यक्ष अनिता रेलन ने जोर देकर कहा कि व्यक्ति सारी आयु बाहरी दुनिया में खुशी के लिए भटकता रहता है, सच्ची खुशी अपने परिवार में है जो कॅरोना ने बता दिया है। राष्ट्रीय मंत्री प्रवीन आर्य ने योग को ही खुशी का साधन बताया। गायिका प्रवीना ठक्कर, मर्दुल अग्रवाल, डॉ कल्पना रस्तोगी, शशि चोपड़ा, आशा आर्या, डॉ. सुनील रहेजा, सुमित्रा गुप्ता, जनक अरोड़ा, प्रतिभा सपरा, आदि ने भजन सुनाये। प्रमुख रूप से आनन्द प्रकाश आर्य, सौरभ गुप्ता, सुदेश डोगरा, राजेश मेहंदीरत्ता, ओम सपरा, सुदेशवीर आर्य, रवीन्द्र गुप्ता आदि उपस्थित थे।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox