कोर्ट पर बोझ है शराबबंदी कानून- एससी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 21, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

कोर्ट पर बोझ है शराबबंदी कानून- एससी

-बेल कैंसिल करने से भी इनकार; बिहार सरकार को झटका

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- शराबबंदी कानून की आलोचना करते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश एन वी रमन्ना ने कहा कि बगैर सोचे समझे बनाये गये शराबबंदी कानून कोर्ट पर बोझ का काम करते है। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को झटका देते हुए मद्य निषेध कानून में दी गई जमानत के खिलाफ दायर अनेक याचिकाओं को बुधवार को खारिज कर दिया। जमानत याचिकाओं के खिलाफ सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा कि बिहार के इस कानून ने अदालतों पर बहुत बोझ डाला है। आए दिन मद्य निषेध कानून, 2016 के तहत याचिकाएं दायर होती हैं। इस कानून के तहत 10 साल की सजा का प्रावधान है।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा, ’’पटना हाईकोर्ट में रोज अनेक ऐसी याचिकाएं आती हैं और वहां इन्हें सूचीबद्ध होने में एक साल तक का समय लग रहा है। हमें बताया गया है कि पटना हाईकोर्ट में 10दृ15 जज रोजाना ऐसी याचिकाएं सुन रहे हैं।’’मुख्य न्यायाधीश ने इससे पहले एक कार्यक्रम में भी बिहार के इस कानून का जिक्र किया था। कहा था कि सरकारें कानून के प्रभाव का अध्ययन किए बिना कानून बनाती हैं, जिससे अदालतों पर बोझ बढ़ जाता है।
बिहार सरकार के वकील मनीष कुमार ने कहा कि हाईकोर्ट यांत्रिक रूप से ऐसे मामलों में जमानतें दे रहा है, जिससे कानून का लक्ष्य ही पराजित हो रहा है, इन्हें रद्द किया जाना चाहिए। इस पर कोर्ट ने कहा कि तो क्या ये जमानतें न दी जाएं। क्योंकि आपने आबकारी कानून बना दिया है जिसमें शराब पकड़े जाने पर 10 साल या उम्रकैद की सजा है।
कोर्ट ने पूछा कि हत्या की क्या सजा है। वकील ने कहा कि उम्रकैद या मौत की सजा। कोर्ट ने पूछा तो उसमें जमानतें नहीं मिलती हैं? यह कहकर कोर्ट ने जमानत रद्द करने की याचिकाओं पर विचार करने से इनकार कर दिया।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox