किसानों के लिए कृष्णा यादव बनी मिसाल, आज सरकारें कर रही सम्मानित

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किसानों के लिए कृष्णा यादव बनी मिसाल, आज सरकारें कर रही सम्मानित

-कभी काम के लिए लगाई सड़कों पर रेहड़ी, आज हजारों महिलाओं को बना रही आत्मनिर्भर -राज्य सरकारों से लेकर केंद्र सरकार तक मान चुकी उनके काम लौहा

नजफगढ़/शिव कुमार यादव/अनीशा चौहान/- आज महिलाऐं सिर्फ चूल्हा चौका तक ही सीमित नहीं रह गई हैं। कड़ी मेहनत के दम पर महिलाओं और बेटियों ने सफलता के आसमान को छू लिया है। शिक्षा, खेल ही नहीं बल्कि व्यवसाय में इनकी सफलता औरों के लिए प्रेरणा बन रही हैं। जो काम केवल पुरुषों के समझे जाते थे, उनमें इन महिलाओं की दखल ने दूसरी महिलाओं के लिए एक नई राह तो गढ़ी ही पुरुषों को भी यह संदेश दिया कि किसी भी क्षेत्र, चाहे वह शारीरिक श्रम का ही क्यों न हो, पर केवल उनका ही आधिपत्य नहीं है। कृष्णा यादव ने भी अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति के दम पर पुरूषों को इसका जवाब दे दिया हैं।

30 साल पहले लगाया श्री कृष्णा पिकल्स का वृक्ष अब फल देने लगा है। जी हां, हम बात कर रहे है उस शख्स की जो 30 साल पहले यानी 1995 में यूपी के बुलंदशहर से अपनी एक सहेली से 500 रूपये उधार लेकर रोजी रोटी के लिए अपने परिवार के साथ दिल्ली आई थी। लेकिन उसे क्या पता था कि दिल्ली में उसे परिवार का पेट पालने के लिए रेहड़ी तक लगानी पड़ेगी। लेकिन फिर भी गोवर्धन यादव व कृष्णा यादव ने हिम्मत नही हारी और आगे बढ़ने के लिए जो काम मिला वही किया। फिर एक दिन उनकी मुलाकात कृषि विज्ञान केंद्र उजवा के एक अधिकारी से हुई जिसके बाद उनकी जिंदगी ही बदल गई। हालांकि आचार बनाकर बेचने का काम तो और भी कठिन था। मगर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। कृष्णा यादव व गोवर्धन यादव आज ऐसा नाम है जिन्हे हर कोई जानने व जुड़ने की कोशिश करता है। कभी रोजी-रोटी के लिए सड़कों पर रेहड़ी लगाने वाली कृष्णा यादव आज किसानों व युवाओं के लिए मिसाल व प्रेरणा बन चुकी है और श्रीकृष्णा पिकल्स के तहत हजारों महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाने का काम रही हैं। आज राज्य सरकारों से लेकर केंद्र सरकार तक उनकी प्रतिभा का लौहा मान चुकी है और उन्हे सम्मानित करने में स्वयं गर्व महसूस कर रही हैं।
           

सरकारें भले ही किसानों की आय दुगुनी करने की बात करती हों और लेकिन कृष्णा यादव ने जो करके दिखाया है वह कोई-कोई ही कर पाता है। फसलों पर एमएसपी की बात हो या फिर किसानों के ऋण माफी की योजना या फिर कृषि से जुड़ी दूसरी योजनाओं की तो अकसर किसान सरकारों के खिलाफ विरोध ही करते दिखाई देते हैं। लेकिन कृष्णा यादव एक ऐसा नाम है जिन्होने कृषि उत्पादों को ही अपनी रोजी-रोटी बनाकर आगे बढ़ाने का काम कर यह सिद्ध कर दिया की खेती घाटे का सौदा नही है।
           

अपने जीवन के संघर्ष पर कृष्णा यादव ने बात करते हुए कहा कि उनका जीवन बहुत ही उतार-चढ़ाव वाला रहा है। उन्होने इस मुकाम तक पंहुचने के लिए लगातार 30 साल संघर्ष जारी रखा है तब जाकर आज श्रीकृष्णा पिकल्स की शाखाऐं फैलनी शुरू हुई हैं। उन्होने बताया कि आज उनकी कंपनी में 152 तरह के उत्पाद बनते है जिनमें हर तरह का अचार, फलों के मुरब्बें, आंवला कैंडी व मुरब्बा, आयुर्वेदिक जूस, विशेष रूप से शुगर के मरीजों के लिए करेला-जामुन रस, मसाले, सफेद व काली सरसों का तेल, शक्कर, खांड व गुड़ की शुद्ध वैरायटी भी उपलब्ध है। हमारे सभी उत्पाद एफएसएसएआई और एफपीओ से स्वीकृत है। हमारो सभी उत्पाद पूरे भारत में सप्लाई होते है और पसंद किए जाते है। कृष्णा यादव ने बताया कि गुजरात में करीब 5 हजार महिलाओं का ग्रुप श्रीकृष्णा पिकल्स के साथ जुड़ा है। अब हम गुजराती स्वाद व हरियाणवी स्वाद का आदान-प्रदान कर उपभाक्ताओं को नई चीजे उपलब्ध करा रहे हैं। हरियाणा के फरूखनगर में श्रीकृष्णा पिकल्स की ईकाई स्थापित की गई है जिसमें 150 से ज्यादा महिलाए कार्य कर रही है। उन्होने बताया कि हम महिला शक्ति को आगे बढ़ाने व उन्हे आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रहे हैं। हमारे सभी आउटलेट्स में भी महिला व पुरूष समान रूप से काम करते हैं।  
             

श्रीकृष्णा पिकल्स कंपनी का टर्नओवर अब 7 करोड़ को पार कर चुका है। देश के हर बड़े फूड शो व प्रदर्शनी में श्रीकृष्णा पिकल्स के स्टालस लगे दिखाई देते है। इतना ही नही अब भारत सरकार भी कृष्णा यादव की श्रीकृष्णा पिकल्स की सफलता को सलाम कर रही है। सरकार का मानना है कि कृष्णा यादव का व्यक्तित्व किसानों व युवाओं के लिए एक आदर्श बन सकता है जिसे लेकर हरियाणा सरकार ने 2014 में कृष्णा यादव को इनोवेटिव आइडिया के लिए पहली चैंपियन किसान महिला अवार्ड से सम्मानित किया। इसके बाद भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से दिए जाने वाले नारी शक्ति सम्मान से 2015 में सम्मानित किया। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी भी उन्हे सम्मानित कर चुके हैं।    
             

हाल ही में यूपी सरकार ने विकास च गौरव को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले 6 विशिष्ट व्यक्तियों को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया है। उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस 24 से 26 जनवरी तक लोक भवन में आयोजित अवध शिल्पग्राम में अंतरराष्ट्रीय  स्तर पर पहचान बनाने वाली श्रीमति कृष्णा यादव की उद्यमशीलता का लौहा मानते हुए उन्हे उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान से सम्मानित किया है। इस मौके पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 11 लाख रूपए व शील्ड देकर श्रीमति कृष्णा यादव को सम्मानित किया गया है। इस मौके पर श्रीमति कृष्णा यादव के साथ उनके पति गोवर्धन यादव व पुत्री पिंकी भी शामिल सम्मान समारोह में शामिल हुई।                      

श्रीमति कृष्णा यादव का जीवन सफर बड़ा ही प्रेरणादायी रहा है और आज वह एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित हो चुकी हैं। एक समय था जब कृष्णा यादव ने यह काम शुरू किया तो लोग अचरज जताते हुए हंसते थे, मजाक उड़ाते थे। उनको लगता था कि यह पुरुषों का काम है, लेकिन वह बगैर झिझके अपना काम करती रही। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पहले अच्छी नहीं थी। हर छोटी-बड़ी जरूरत और इच्छा इनके मन में ही रह जाती थी। फिर इन्होंने हालात से लड़ने की ठानी और धीरे-धीरे इनकी आर्थिक तंगी दूर होने लगी। उनका मानना है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नही होता बस अगर इच्छा शक्ति दृढ़ हो तो फिर कोई भी राह मुश्किल नही होती। उन्होने सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा चलाऐ जा रहे स्टार्टअप से आज लाखों युवा अपने सपनो की नई उड़ान भर रहे हैं। साथ ही उन्होने कहा कि सरकार को युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए और ज्यादा प्रयास करने चाहिए तभी हमारा देश एक सशक्त व विकसित राष्ट्र बन सकेगा।

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