नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/झज्जर/शिव कुमार यादव/- कांवड़ लाने के लिए हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य किया गया है। बिना रजिस्ट्रेशन किए हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए उत्तराखंड में प्रवेश निषेध रहेगा। झज्जर पुलिस द्वारा आगामी कावंड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा संबंधी तैयारी कर ली गई है। जिला भर में कावड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए पुलिस द्वारा पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक झज्जर श्री वसीम अकरम ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों पर कहा कि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की कोई अव्यवस्था की परिस्थिति उत्पन्न हो तथा यात्रा शांतिपूर्वक संपन्न हो इसके मध्येनजर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि हरिद्वार से कांवड़ लाने वाले श्रद्धालुओं का एक ऐप के जरिए रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। कांवड़ लाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए उत्तराखंड पुलिस द्वारा रजिस्ट्रेशन के लिए एक पोर्टल खोला गया है। हरिद्वार कांवड़ मेला में जाने व कांवड़ लाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य किया गया है। पोर्टल पर कोई भी श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन से ही रजिस्ट्रेशन करवा सकता है। रजिस्ट्रेशन के लिए https://policecitizenportal.uk.gov.in/Kavad पोर्टल पर क्लिक करें। जिसके पश्चात एक ओटीपी नंबर आएगा। ओटीपी नंबर सबमिट करते ही पोर्टल खुल जाएगा जिस पर बेसिक डिटेल मांगी जाएगी। जिसमें नाम, पिता का नाम, आधार नंबर, पता व यात्रा इत्यादि के संबंध में जानकारी मांगी जाएगी। जिसे पूर्ण करके कोई भी श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करवा सकता है। बिना रजिस्ट्रेशन किए हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए उत्तराखंड में प्रवेश निषेध किया गया है। इसलिए किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए कांवड़ लाने के लिए हरिद्वार जाने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को उत्तराखंड पुलिस के पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए।
एसपी श्री वसीम अकरम ने बताया कि किसी भी हालत में जिला में कावड़ यात्रा के दौरान अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। जिला में कावड़ यात्रा को हर हाल में सुचारु एवं सुरक्षित बनाये रखा जाएगा। झज्जर जिला में कांवड़ यात्रा को निर्बाध एवं शांतिपूर्वक संपन्न कराने को मध्येनजर रखते हुए स्थानीय पुलिस द्वारा अलग-अलग चिन्हित स्थानों पर विशेष सुरक्षा नाके लगाए जायेगें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से जिन सड़क मार्गों पर कावड़ियों के ज्यादा संख्या में चलने की संभावना है उन सड़क मार्गो को भी चिन्हित करके विशेष निगरानी रखी जाएगी। झज्जर जिला में ऐसे 10 रुट चिन्हित किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल अधिकतर कावड़िए करते आए हैं। जो निम्न प्रकार से हैं :-
1 सापला से रेवाड़ी रोड वाया छारा, जोन्धी, झज्जर, सुबाना से कोसली।
2 झज्जर से रेवाड़ी वाया माछरौली, कुलाना।
3 रोहतक से बहु वाया डीघल, बेरी, छूछकवास, सासरोली।
4 रोहतक से झज्जर वाया डीघल, महराना चौक दुजाना।
5 सोहटी बॉर्डर से बहादुरगढ़ वाया कानौन्दा, कुलासी।
6 रोहतक से बेरी वाया रिटोली कबूलपुर।
7 सापला से बेरी वाया बहराना, डीघल।
8 बहादुरगढ़ से झज्जर वाया दुल्हेड़ा, कबलाना।
9 सोनीपत से केएमपी होते हुए जिला गुरुग्राम।
10 बहादुरगढ़ से बादली वाया गुभाना माजरी आदि प्रमुख हैं।
उन्होंने बताया कि जिन मार्गों पर कांवड़ लेकर श्रद्धालु गुजरेंगे उन रास्तों पर पुलिस द्वारा निरंतर गश्त करते हुए प्रत्येक गतिविधि पर निगाह रखी जाएगी। कावड़ियों के रास्तों पर पीसीआर व राइडर की गश्त लगातार 24 घंटे तैनात रहेगी।


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