कठुआ जिले में बादल फटने से मची तबाही, 6 की मौत, कई घायल और लापता

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March 4, 2026

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कठुआ जिले में बादल फटने से मची तबाही, 6 की मौत, कई घायल और लापता

जम्मू-कश्मीर/अनीशा चौहान/-    जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में रविवार, 17 अगस्त की सुबह बादल फटने से भारी तबाही मच गई। राजबाग के जोड़ घाटी गांव और आसपास के इलाकों में हुई इस आपदा में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल और लापता बताए जा रहे हैं। अचानक हुई भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ ने स्थानीय जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। इस आपदा का असर जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी पड़ा, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

जोड़ घाटी में सबसे ज्यादा नुकसान
शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि को जोड़ घाटी गांव में बादल फटने की घटना सबसे ज्यादा विनाशकारी साबित हुई। यहां गुज्जर बस्तियों पर पहाड़ का मलबा गिरने से कई घर पूरी तरह तबाह हो गए। अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं, लापता लोगों की तलाश जारी है। इसके अलावा जंगलोटे, बागड़, चांगडा और लखनपुर के दिलवान-हटली क्षेत्रों में भी भारी बारिश और भूस्खलन ने भारी नुकसान पहुंचाया है।

हाईवे और रेलवे ट्रैक को क्षति
बादल फटने से जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। मलबा और तेज पानी के बहाव से हाईवे जाम हो गया, जिसके चलते कई घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। NHAI और प्रशासन की टीमें हाईवे की मरम्मत और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने में जुटी हैं। वहीं, रेलवे ट्रैक को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे रेल यातायात बाधित हुआ। इतना ही नहीं, कठुआ पुलिस स्टेशन परिसर भी पानी और मलबे की चपेट में आ गया। उझ नदी और अन्य जलाशयों का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान तक पहुंच गया है, जिससे शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया और खेतों व घरों को भारी नुकसान हुआ।

राहत और बचाव कार्य जारी
प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। पुलिस, SDRF और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीमें प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम कर रही हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से नदियों और जलाशयों के किनारे न जाने की अपील की है। साथ ही आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

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