कंधार में जुमे की नमाज के दौरान फिर धमाका, 32 की मौत, 40 घायल

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March 5, 2026

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कंधार में जुमे की नमाज के दौरान फिर धमाका, 32 की मौत, 40 घायल

-अफगानिस्तान में कंधार बन रहा आतंकियों का निशाना लगातार दूसरी बार शिया मस्जिद में धमाका

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/अफगानिस्तान/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- अफगानिस्तान में कंधार अब आतंकियों का निशान बन रहा है। लगातार दूसरी बार जुमे की नमाज के दौरान शियाओं को निशाना बनाकर बम का धमाका किया गया जिसमें 32 लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक घायल बताये जा रहे हैं। इससे पहले आठ अक्तूबर को हुए धमाके में 50 लोग मारे गए थे। आज हुए धमाके की जिम्मेदारी अभी किसी ने नहीं ली है।
                     अफगानिस्तान के कंधार शहर की एक शिया मस्जिद में शुक्रवार दोपहर जोरदार धमाका हुआ। आरंभिक खबरों के अनुसार इसमें 32 लोगों की मौत हो गई और 40 से ज्यादा घायल हुए हैं। कंधार में हुआ धमाका इसलिए चौंकाने वाला है, क्योंकि यह तालिबान का गढ़ है। यानी देश में सत्तारूढ़ तालिबान का गढ़ ही सुरक्षित नहीं है। आतंकी संगठन आईएसआईएस शियाओं को लगातार निशाना बना रहा है, क्योंकि वह मानता है कि शिया इस्लाम के धोखेबाज हैं। आईएसआईएस के समर्थक सुन्नी मुस्लिम हैं।
                     इससे पहले आठ अक्तूबर को कुंदुज प्रांत की शिया मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान हुआ था। इसमें 50 से अधिक लोग मारे गए थे और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन आईएस-के ने ली थी। इस धमाके की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कड़ी निंदा की थी। सुरक्षा परिषद ने कहा था कि आतंक के आकाओं को न्याय के कटघरे में खड़ा करने की आवश्यकता है। यह हमला एक कायरतापूर्ण कृत्य है। आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए शांति व सुरक्षा का मुद्दा बन गया है। सुरक्षा परिषद ने आतंकवाद के आकाओं, इनके फाइनेंसरों को पकड़ने की आवश्यकता व्यक्त की। घटना की जिम्मेदारी लेते हुए आईएस-के से जुड़ी आमाक संवाद एजेंसी ने हमलावर की पहचान एक उइगर मुस्लिम के रूप में की थी और दावा किया था कि इस हमले का निशाना शिया समुदाय और तालिबान दोनों थे क्योंकि चीन के दबाव में तालिबान उइगर मुस्लिमों को बाहर निकाल रहा है। अमेरिकी और नाटो सेनाओं के लौटने के बाद से आईएस लगातार तालिबान के शासन को चुनौती देने के साथ अल्पसंख्यक शिया समुदाय और धर्मस्थलों को निशाना बना रहा है।
                        अब सोचने की बात ये है कि जो पाकिस्तान तालिबान को लेकर बड़ी-बड़ी बाते कर रहा था वो अब खुद धिरता नजर आ रहा है। तालिबान ने काबुल में पाकिस्तान की एयरलाइंस पर बैन लगा दिया है। हालांकि तालिबान ने अफगानिस्तान में बिना भेदभाव के काम करने की बात कही थी और किसी भी पक्ष के खिलाफ राजनीतिक कार्यवाही नही करने की भी बात कही थी लेकिन अब अफगानिस्तन के कुछ हिस्सों में ठीक इसके विपरीत काम हो रहा है। कंधार को आंतकी लगातार निशाना बनाकर बम धमाके कर मासमों की जान ले रहे है। लोगों का तो यहां तक कहना है कि कंधार में यह खूनखराबा कहीं कोई बड़ी साजिश तो नही है। जिसके चलते मुसलमान ही मुसलमानों की जान ले रहे हैं।

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