नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- राजधानी में एक बार फिर पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता ने मानवता की मिसाल पेश की। दिल्ली पुलिस के थाना द्वारका नॉर्थ क्षेत्र में फुट पेट्रोलिंग के दौरान हेड कांस्टेबल विनोद कुमार को एक दो वर्षीय बालक लावारिस हालत में मिला। बच्चा सेक्टर-16 द्वारका स्थित पेट्रोल पंप के पास सर्विस रोड पर अकेला और असहाय अवस्था में खड़ा था। आसपास भीड़ जमा थी, लेकिन मासूम अपनी उम्र कम होने के कारण न तो ठीक से बोल पा रहा था और न ही अपने घर का पता बता सका।
पहचान की चुनौती और अथक प्रयास
हेड कांस्टेबल विनोद कुमार ने तुरंत बच्चे को सुरक्षित संरक्षण में लिया और उसकी पहचान स्थापित करने के प्रयास शुरू किए। बालक बेहद छोटा होने के कारण अपने माता-पिता या पते के बारे में स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ था। इसके बावजूद पुलिसकर्मी ने धैर्य और संवेदनशीलता के साथ आसपास पूछताछ की, संभावित क्षेत्रों में जानकारी जुटाई और उपलब्ध संकेतों को जोड़कर आगे की कार्रवाई की।
तीन घंटे की मेहनत के बाद खुशियों की वापसी
लगातार करीब तीन घंटे तक चले प्रयासों के बाद पुलिस टीम बच्चे के परिजनों तक पहुंचने में सफल रही। आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मासूम को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिवार की आंखों में राहत और खुशी साफ झलक रही थी। बच्चे और परिजनों के चेहरों पर लौटी मुस्कान ने पूरे घटनाक्रम को भावुक बना दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “ऑपरेशन मिलाप” जैसे प्रयास न केवल कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते हैं, बल्कि समाज में भरोसा भी मजबूत करते हैं। द्वारका नॉर्थ थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक संभावित अनहोनी को टालते हुए परिवार को फिर से एक कर दिया।


More Stories
Asha Bhosle Death: संघर्ष दौर से गुजरी आशा ताई ने 20 अलग भाषाओं में सिंगिंग को दी नई पहचान और बनाया बेमिसाल रिकॉर्ड
सेल्फी बनी जानलेवा: नजफगढ़ के युवक की पहाड़ी से गिरकर हालत गंभीर
द्वारका में 15 लाख की लूट का खुलासा, 24 घंटे में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के 23 कैडेट्स ने NDA में मारी बाजी
बहादुरगढ़ रनर्स ग्रुप ने NCR में बजाया जीत का डंका
बहादुरगढ़ में फिटनेस का महाकुंभ: BRG प्रमो रन में उमड़ा जनसैलाब