देहरादून//उमा सक्सेना/- नरेंद्र मोदी एक बार फिर देवभूमि उत्तराखंड का दौरा करने जा रहे हैं। मंगलवार को होने वाला यह दौरा उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद राज्य का 28वां दौरा होगा। खास बात यह है कि पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में यह 18वीं बार है जब पीएम मोदी राज्य में पहुंचेंगे। इस दौरे के दौरान वे कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, जिनमें दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और टिहरी में स्थापित 1000 मेगावाट क्षमता वाला देश का पहला वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट प्रमुख हैं। पीएम के आगमन को लेकर प्रदेश में उत्साह का माहौल है और सरकार कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारी में जुटी हुई है।
उत्तराखंड से पीएम मोदी का गहरा जुड़ाव
प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव देखने को मिला है। वर्ष 2015 में अपने पहले दौरे के दौरान वे ऋषिकेश स्थित दयानंद सरस्वती आश्रम पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपने गुरु से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कई बार केदारनाथ धाम के दर्शन किए और बद्रीनाथ सहित अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा भी की। उनकी यात्राओं ने न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया, बल्कि राज्य को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में भी स्थापित किया। केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका और यात्राओं के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ा इजाफा देखा गया है।
तीर्थाटन और पर्यटन को मिला नया आयाम
प्रधानमंत्री मोदी के लगातार दौरे और पहल से उत्तराखंड में पर्यटन को नई दिशा मिली है। पिथौरागढ़ के आदि कैलाश और उत्तरकाशी के मुखबा जैसे क्षेत्रों में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों से राज्य में सालभर पर्यटन गतिविधियां जारी रहने लगी हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
विकास परियोजनाओं से बदली तस्वीर
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाएं लागू की गई हैं। कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए चारधाम ऑलवेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, रोपवे परियोजनाएं और देहरादून-दिल्ली एलिवेटेड रोड जैसी कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का विस्तार, हवाई सेवाओं का विकास और रेलवे नेटवर्क के विस्तार से राज्य की आधारभूत संरचना मजबूत हुई है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की खासियत
इस दौरे में पीएम मोदी जिस दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे, वह तीन राज्यों—दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड—को जोड़ेगा। करीब 213 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। इसमें एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर, एलिफेंट अंडरपास, सुरंग और आधुनिक इंटरचेंज जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके शुरू होने से दिल्ली से देहरादून की दूरी महज ढाई घंटे में पूरी की जा सकेगी।
टिहरी में ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि
प्रधानमंत्री टिहरी में देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी उद्घाटन करेंगे। 1000 मेगावाट क्षमता वाला यह प्रोजेक्ट देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह परियोजना जलाशयों के बीच पानी के प्रवाह के जरिए अतिरिक्त बिजली उत्पादन करने में सक्षम होगी और इसे भारत की ऊर्जा यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बार-बार के दौरे से मजबूत हुआ संबंध
बीते वर्षों में पीएम मोदी ने उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर वहां के लोगों से सीधा संवाद किया है। चाहे धार्मिक स्थल हों, सैन्य चौकियां हों या विकास परियोजनाएं—हर क्षेत्र में उनकी सक्रियता नजर आई है। यही कारण है कि राज्य के लोगों के बीच उनके प्रति विशेष जुड़ाव और विश्वास देखने को मिलता है।


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