ईडी की छापेमारी के विरोध में टीएमसी का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-दिल्ली से कोलकाता तक सियासी उबाल

नई दिल्ली/कोलकाता/उमा सक्सेना/-   पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और केंद्र सरकार के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। बंगाल से शुरू हुआ विरोध अब दिल्ली तक पहुंच गया है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ’ब्रायन समेत कई सांसद सड़कों पर उतर आए और केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। पार्टी का दावा है कि चुनावी साल में उसे दबाने और उसकी रणनीति को कमजोर करने के इरादे से यह कार्रवाई की गई है।

चुनावी साल में ‘राजनीतिक साजिश’ का आरोप
टीएमसी का कहना है कि ईडी की छापेमारी किसी सामान्य जांच का हिस्सा नहीं, बल्कि चुनाव से पहले पार्टी के रणनीतिक दस्तावेजों और संवेदनशील डेटा तक पहुंचने की कोशिश है। पार्टी नेताओं के अनुसार, केंद्रीय एजेंसियां राजनीतिक दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और विपक्ष की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े होते हैं।

I-PAC पर छापेमारी से भड़का विवाद
विवाद की जड़ उस वक्त बनी, जब गुरुवार सुबह ईडी ने टीएमसी से जुड़ी राजनीतिक परामर्श संस्था I-PAC के कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर छापा मारा। यह कार्रवाई सुबह करीब छह बजे शुरू हुई और लगभग नौ घंटे तक चली। छापेमारी के बाद प्रतीक जैन के परिवार ने दस्तावेजों की कथित चोरी को लेकर पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।

ममता बनर्जी का सीधा हस्तक्षेप
ईडी की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंचीं। वह प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास और सॉल्ट लेक के कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से सवाल करती नजर आईं। ममता बनर्जी ने इस पूरी कार्रवाई को “राजनीतिक बदले की भावना” से प्रेरित बताया और कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ दल विपक्ष को डराने की कोशिश कर रहा है।

हाईकोर्ट में टीएमसी की याचिका
ईडी की छापेमारी के खिलाफ टीएमसी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि जब वह पश्चिम बंगाल में SIR के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रही थी, उसी दौरान जानबूझकर पार्टी के रणनीतिक कार्यालय और उससे जुड़े लोगों को निशाना बनाया गया। टीएमसी ने आरोप लगाया कि गोपनीय दस्तावेज और डेटा गैरकानूनी तरीके से जब्त किए गए हैं और अदालत से इस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।

दिल्ली में प्रदर्शन, सांसद हिरासत में
ईडी की कार्रवाई के विरोध में टीएमसी सांसदों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। नारेबाजी और विरोध के दौरान दिल्ली पुलिस ने महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ’ब्रायन, कीर्ति आज़ाद समेत आठ सांसदों को हिरासत में लेकर संसद स्ट्रीट थाने पहुंचाया। सांसदों का कहना है कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।

भाजपा का पलटवार
टीएमसी के आरोपों पर भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष और सांसद समिक भट्टाचार्य ने कहा कि टीएमसी जनता के सामने अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि ईडी की कार्रवाई कानून के दायरे में है और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच से घबराकर टीएमसी सड़क पर उतर रही है।

आज कोलकाता में शक्ति प्रदर्शन
इस राजनीतिक घमासान के बीच ममता बनर्जी ने आज कोलकाता में एक बड़ी रैली का ऐलान किया है, जिसका नेतृत्व वह खुद करेंगी। इस रैली को केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई और टीएमसी के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों के विरोध में एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, I-PAC पर ईडी की छापेमारी ने बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है, जिसका असर अब राष्ट्रीय राजनीति में भी साफ नजर आने लगा है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox