नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- इजराइल में मस्जिदों से स्पीकर हटाने और अजान पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इजराइल के रक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर ने पुलिस को आदेश दिया है कि वे मस्जिदों में लगे स्पीकरों को जब्त करें और यदि शोर किया जाता है तो जुर्माना भी लगाया जाएगा। इस आदेश के बाद से इजराइल में धार्मिक और सामाजिक विवाद तेज हो गया है।
इजराइल सरकार के इस फैसले को लेकर विरोध भी उठने लगा है। मुस्लिम समुदाय के लोग इसे धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन मान रहे हैं। उनका कहना है कि अजान सुनाना इस्लाम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे रोकना धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने जैसा है। वहीं, विपक्षी नेताओं का कहना है कि इस फैसले से देश में धार्मिक तनाव और दंगे फैल सकते हैं, क्योंकि इससे मुस्लिम समुदाय के बीच असंतोष बढ़ सकता है।
इस फैसले से पहले, इजराइल के विभिन्न शहरों में मस्जिदों से अजान की आवाज सुनाई देती थी, जिसे मुस्लिम समुदाय के लोग धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देखते थे। हालांकि, इस शोर को लेकर कुछ इजराइली नागरिकों ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद यह विवाद उठ खड़ा हुआ।
इजराइल सरकार का कहना है कि यह कदम सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया है। उनका कहना है कि मस्जिदों से अजान की आवाज़ तेज होने के कारण आसपास के इलाकों में शोर बढ़ जाता था, जिससे नागरिकों को परेशानी होती थी। वहीं, इस कदम को लेकर मुस्लिम समुदाय में गुस्सा और निराशा का माहौल है, जो इसे धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन मानते हैं।
यह मामला अब एक बड़ा राजनीतिक और धार्मिक मुद्दा बन चुका है, और इसके दूरगामी प्रभाव इजराइल की सामाजिक स्थिति पर पड़ सकते हैं।


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